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बाढ़ राहत केंद्र में भगदड़, 42 की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चेन्नई में एक बाढ़ राहत शिविर में रविवार की सुबह मची भगदड़ में मरने वाले लोगों की संख्या 42 तक जा पहुँची है. केके नगर इलाक़े में हुई इस घटना में मृत लोगों में लगभग 20 महिलाएँ शामिल हैं जबकि घायलों की संख्या 37 बताई गई है. राहत सामग्री हासिल करने के लिए सैकड़ों लोगों की लंबी क़तार सुबह से लगी हुई थी और भगदड़ तब मची जब मूसलाधार बारिश से बचने के लिए लोग एक तंग दरवाज़े से होकर इमारत में घुसने लगे. इस राहत शिविर में लोगों को दो हज़ार रूपए, चावल, कपड़ा और किरासन तेल दिया जाना था लेकिन राहत सामग्री का वितरण शुरू होने से पहले ही यह घटना हो गई. प्रत्यक्षदर्शी चेन्नई के गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल में अपनी बेटी को ढूँढने आए कृष्णा ने बताया कि लोग सुबह तीन बजे से ही क़तार बनाकर खड़े हो गए थे. कृष्णा ने कहा, “सिर्फ़ दो हज़ार रूपए के लिए इतने लोगों की जान गई, बारिश के कारण लोग भागे और एक के ऊपर एक गिरते गए, जो गिर गया वो फिर कभी नहीं उठ सका.” कृष्णा कहते हैं कि कुछ लोगों ने अफ़वाह फैला दी थी कि रविवार के बाद राहत सामग्री नहीं मिलेगी इसलिए भी बहुत भीड़ जमा हो गई थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सिर्फ़ चार पुलिसकर्मी तैनात थे. मुआवज़ा
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री ने दोपहर में अस्पताल का दौरा किया और घायलों से मुलाक़ात की, उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि उनका पूरा ध्यान सरकार रखेगी. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रूपए का मुआवज़ा देने की घोषणा की जबकि घायलों को 15 हज़ार रूपए दिए जाएँगे. मुख्यमंत्री ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अफ़सोस ज़ाहिर किया और कहा कि उनकी सरकार पीड़ित लोगों की सहायता के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है. यह इस तरह की पहली घटना नहीं है, इससे पहले उत्तरी चेन्नई में पिछले महीने भी ऐसी ही भगदड़ एक अन्य राहत शिविर में मची थी जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें तमिलनाडु में तेज़ बारिश का क़हर 04 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस तमिलनाडु में मृतक संख्या 150 हुई26 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस तमिलनाडु में बाढ़ में दो बसें बहीं25 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस तमिलनाडु में बाढ़ से हज़ारों विस्थापित08 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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