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महिला अधिकारी को दोषी पाया गया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कर्नाटक राज्य के बंगलौर शहर में एक सैन्य अदालत ने भारतीय वायुसेना की एक महिला अधिकारी अंजलि गुप्ता के ख़िलाफ़ जाँच के बाद उन्हें दोषी करार दिया है. अंजलि गुप्ता को अदालत ने वित्तीय अनियमितता और ड्यूटी पर न आने का दोषी पाया है. अदालत ने उन्हें बर्ख़ास्त किए जाने की अनुशंसा की है. पिछले तीन महीने से उन पर कोर्ट मार्शल चल रहा था. अंजिल भारतीय वायुसेना की पहली महिला अधिकारी हैं जिनके ख़िलाफ़ कोर्ट मार्शल की घोषणा हुई थी. वहीं भारत के सैन्य इतिहास में ये पहला मौका है कि जब मीडिया को अदालत की कार्यवाही की रिपोर्टिंग करने दी गई. अदालत के फ़ैसले के बाद अंजिल गुप्ता ने कहा कि वे न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगी. अंजलि ने कहा कि उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के ख़िलाफ़ यौन प्रताड़ना का आरोप लगाया था और इसी कारण उन्हें फसाया गया है. उनका कहना था," जिस दिन से मैने ये आरोप लगाए हैं, तब से ही मुझे परेशान किया जा रहा है." अंजलि गुप्ता ने भारतीय वायु सेना के चीफ़ मार्शल एसपी त्यागी को यौन प्रताड़ना के सिलसिले में लिखा भी था. एक आधिकारिक दौरे के तहत बंगलौर आए एयर चीफ़ मार्शल एसपी त्यागी ने इस विवाद के बारे में कहा था, "वायुसेना का अंजिल गुप्ता से कोई झगड़ा नहीं है, प्रमुख होने के नाते मेरा फ़र्ज़ है कि मैं सभी अधिकारियों का ध्यान रखूँ." एयर चीफ़ मार्शल त्यागी ने कहा था कि तीन अधिकारियों के ख़िलाफ़ यौन प्रताड़ना के आरोपों की जाँच के लिए अलग से जाँच चल रही है. इस जाँच की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है. | इससे जुड़ी ख़बरें महिला अधिकारी के ख़िलाफ़ जाँच शुरू21 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस वायुसेना विमान का मामला गरमाया04 मई, 2005 | भारत और पड़ोस 'वायुसेना में चार पदोन्नतियाँ ग़लत'08 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस मिग-21 विमानों से पीछा छुड़ाने का निर्णय26 मई, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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