|
अनिल मथरानी बयान से मुकरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
क्रोएशिया में भारत के राजदूत अनिल मथरानी ने कहा है कि समाचार-पत्रिका इंडिया टुडे ने नटवर सिंह के बारे में उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया है. उन्होंने बीबीसी हिंदी सेवा से बातचीत में कहा कि उन्होंने इंडिया टुडे को कोई इंटरव्यू दिया ही नहीं, और एक संवाददाता से हुई ऑफ़-द-रिकॉर्ड बातचीत को ग़लत तरीक़े से पेश किया गया है. दूसरी ओर इंडिया टुडे के संपादक प्रभु चावला ने बीबीसी हिंदी सेवा से बातचीत में दावा किया कि मथरानी से की गई बातचीत एक औपचारिक इंटरव्यू के रूप में थी. इससे पहले मथरानी के विशेष इंटरव्यू का हवाला देते हुए पत्रिका ने कहा है कि पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने 2001 के इराक़ दौरे के समय अपने बेटे जगत सिंह और उनके मित्र अंदलीब सहगल को तेल का कूपन दिलाने में मदद की थी. मथरानी के इंटरव्यू को इंडिया टुडे के सहयोगी चैनल आजतक पर प्रसारित भी किया गया. मथरानी ने ऑफ़-द-रिकॉर्ड बातचीत की कथित गुप्त रिकॉर्डिंग को अनैतिक कार्य बताया है. उन्होंने कहा, "मैंने इंडिया टुडे को कोई इंटरव्यू नहीं दिया है. यह एक ऑफ़-द-रिकॉर्ड बातचीत थी और इसे गुप्त रूप से रिकॉर्ड करना और प्रकाशित करना पूरी तरह अनैतिक काम है. यह प्राइवेसी का खुला उल्लंघन है." मथरानी ने आगे कहा, "पत्रिका ने मेरे ऑफ़-द-रिकॉर्ड को संदर्भ से पूरी तरह अलग प्रस्तुत किया. इसने मेरे बयान को बिल्कुल ग़लत तरीक़े से प्रस्तुत किया...पूरी तरह तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया." दोटूक खंडन मथरानी ने कहा, "मैं इस बात का दोटूक खंडन करता हूँ कि मैंने कभी यह कहा कि जनवरी 2001 में इराक़ यात्रा के दौरान कांग्रेस पार्टी या नटवर सिंह को कोई तेल वॉउचर आवंटित किया गया. यह तथ्यों से खुला खिलवाड़ है...झूठ है." उल्लेखनीय है कि मथरानी 2001 में इराक़ गई कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे. उनके कथित इंटरव्यू को लेकर शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों में जम कर हंगामा हुआ और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. विपक्ष ने इस मामले में सत्तारूढ़ गठबंधन यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी के इस्तीफ़े की माँग की. | इससे जुड़ी ख़बरें राजदूत के 'बयान' पर संसद में हंगामा02 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस वोल्कर रिपोर्ट पर संसद में फिर हंगामा02 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस वोल्कर रिपोर्ट संसद में रखने से इनकार28 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस वोल्कर पर सदन में फिर हंगामा25 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस दयाल ने दस्तावेज़ हासिल किए24 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'हंगामा दुर्भाग्यपूर्ण, बहस को तैयार'24 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||