|
जस्टिस पाठक छह महीने में रिपोर्ट देंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्र सरकार ने इराक़ में 'तेल के बदले अनाज' कार्यक्रम में घोटाले के संबंध में वोल्कर समिति के आरोपों की जाँच के लिए गठित जस्टिस आरएस पाठक प्राधिकरण का कार्यकाल छह महीने निर्धारित किया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने पत्रकारों को बताया कि इस जाँच को 'जस्टिस आरएस पाठक जाँच प्राधिकरण' कहा जाएगा और इसका मुख्यालय दिल्ली होगा. उन्होंने बताया कि इस जाँच प्राधिकरण से कहा गया है कि वह अपनी रिपोर्ट छह महीने के भीतर सौंप दे. यह प्राधिकरण वोल्कर समिति की रिपोर्ट में कंपनियों और लोगों को आर्थिक लाभ देने के मामले की सच्चाई का पता लगाएगा. केंद्र सरकार ने सोमवार को वोल्कर मामले की न्यायिक जाँच कराने की घोषणा की थी. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायधीश आरएस पाठक को जाँच का जिम्मा सौंपा था. जस्टिस पाठक हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में न्यायाधीश भी रह चुके हैं. ग़ौरतलब है कि वोल्कर समिति की रिपोर्ट में नटवर सिंह के नाम आने के बाद से यह मामला तूल पकड़ गया था और उनसे विदेश मंत्रालय की ज़िम्मेदारी वापस ले ली गई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें 'ज़रूरत हुई तो उनसे भी पूछताछ करूँगा'07 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अहमद नटवर की जगह सार्क में जाएँगे 08 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस नटवर सिंह ने इस्तीफ़े की माँग ठुकराई05 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस वोल्कर रिपोर्ट पर फ़ैसला जल्द: सरकार03 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस वामपंथी नटवर के समर्थन में आए 04 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस भाजपा ने नटवर को हटाने की माँग की03 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||