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एसजीपीसी का ननकाना साहिब पर प्रस्ताव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सिख धर्म के पहले गुरु, गुरु नानक देव के जन्म स्थल, पाकिस्तान स्थित ननकाना साहिब में धार्मिक शिक्षा के लिए संस्थान और श्रद्धालुओं के लिए केंद्र बनाने की पेशकश की है. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) भारत के पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश राज्यों में ऐतिहासिक सिख गुरुद्वारों की देखरेख करती है. एसजीपीसी के इस प्रस्ताव को फ़िलहाल पाकिस्तान सरकार से स्वीकृति नहीं मिली है. महत्वपूर्ण है कि पाकिस्तान में सिख गुरुद्वारों की देखरेख वहाँ की ही एक संस्था पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी करती है. एसजीपीसी ने अमृतसर में हुई एक बैठक में ये फ़ैसला किया है. इस प्रस्तावित संस्थान को 'सिख मिशनरी कॉलेज' नाम दिया गया है. एक अधिकारी के अनुसार इस संस्थान में पाकिस्तानी सिखों में से चुने गए धार्मिक गायकों और ग्रंथियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. उनका कहना था कि इसका मुख्य मकसद पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों में सिख मर्यादा भी कायम करना है. श्रद्धालुओं के केंद्र का उद्देश्य वहाँ जाने वाले सिख श्रद्धालुओं के रहन-सहन की व्यवस्था करना होगा. हज़ारों सिख श्रद्धालु दुनिया भर से हर वर्ष ननकाना साहिब जाते हैं. यदि पाकिस्तान सरकार एसजीपीसी की इस पहल को अनुमति दे देती है तो यह पाकिस्तान में उसकी धार्मिक गतिविधियों का पहला काम होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें 'तेरह अप्रैल विश्व पगड़ी दिवस हो'13 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस लाहौर के लज़ीज़ खाने और मेहमाननवाज़ी08 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस लाहौर में बारातियों जैसा स्वागत26 मार्च, 2004 | भारत और पड़ोस समझौता एक्सप्रेस का सफ़र बहाल15 जनवरी, 2004 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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