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अफ़ग़ानिस्तान में मतदान से पहले हिंसा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में संसद और प्रांतीय परिषदों के चुनावों में मतदान से एक दिन पहले वहाँ हिंसक घटनाएँ होने की ख़बर है. अफ़ग़ानिस्तान में तीस साल में पहली बार हो रहे संसदीय चुनावों के लिए रविवार को मतदान होना है. सरकार के प्रवक्ता लुत्फ़ुल्ला मशाल ने कहा है कि दक्षिणी काबुल में घात लगाकर किए गए हमले में तीन पुलिसकर्मी मारे गए हैं. काबुल और कांधार को जोड़ने वाली सड़क पर भी पुलिसकर्मियों पर गोलियाँ चलाई गईं. दोनो पक्षों में हुई गोलीबारी में कम से कम दो लड़ाके मारे गए. रविवार को होने वाले मतदान के लिए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. अफ़ग़ानिस्तान पर अमरीकी हमले के बाद सत्ता से निकाले गए तालेबान के प्रवक्ता ने कहा है कि मतदान केंद्रों को निशाना नहीं बनाया जाएगा. लेकिन अधिकारियों का कहना है कि इस्तेमाल के लिए तैयार रॉकेट लोगार प्रांत के एक मतदान केंद्र में मिले हैं. चार साल पहले तालेबान के शासन के अंत के बाद इस चुनाव को अफ़ग़ानिस्तान में लोकतंत्र कि दिशा में अख़िरी औपचारिक कदम माना जा रहा है. महत्वपूर्ण है कि 25 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं. इन चुनावों में अफ़ग़ानिस्तान की संसद की 249 सीटों के अलावा 34 प्रांतीय परिषदों के लिए मतदान होना है. |
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