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चुनाव से पहले की क़वायद शुरू | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश विधान सभा के चुनाव अब साल सवा साल दूर ही बचे है ऐसा लगता है कि पुराने पहलवान मुलामय सिंह यादव ने आने वाले दंगल के लिए अभी से वर्ज़िश शुरू कर दी है. भगवान राम की तपस्थली चित्रकूट में लाल टोपी पहने हजारों समाजवादी कार्यकर्ताओं का जमघट, राष्ट्रीय प्रशिक्षण एवं चिंतन शिविर चल रहा है. समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव इसी शिविर के हेडमास्टर के तौर पर तीन दिन से चित्रकूट में डेरा डाले हुए हैं. चिंतन शिविर की व्यस्तता के बीच वह कामद गिरि मन्दिर में पूजा करने गये और संत-महंतो से मिलकर पुराने गिले-शिकवे दूर किए. हिन्दुओं के रामानंदी सम्प्रदाय के र्निमोही अखाड़े ने चित्रकूट में मुलायम सिंह यादव का अभिनंदन किया. निर्मोही अखाड़ा निर्मोही अखाड़ा वही संस्था है जो करीब डेढ़ सौ सालों से अयोध्या में विवादिल स्थल पर राम मंदिर बनाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही है. 30 अक्टूबर और दो नवंबर को अयोध्या में कार सेवकों पर फायरिंग के बाद हिंदू संत-महंत मुलायम सिंह के कट्टर आलोचक हो गये थे.
लेकिन लगता है कि अब समय के साथ और विशेषकर बीजेपी सरकार से मोहभंग होने के बाद हिदू संतो में मुलायम सिंह यादव के प्रति पुराना बैर-भाव खत्म हो चुका है. चित्रकूट के निर्मोही अखाड़ा के प्रांगण में इस धार्मिक नगरी के करीब डेढ़ सौ साधु-संतों के बीच मुलायम सिंह यादव का वैदिक मंत्रो के साथ स्वागत हुआ. निर्मोही अखाड़े के मुख्य महंत रामाश्रय दास ने चित्रकूट के विकाश के लिए कई सुझाव व ज्ञापन दिये. श्री यादव ने अपने जवाबी भाषण में कहा कि संत लोग असली समाजवादी है क्योंकि वे जात-पात में नहीं मानवता में विश्वास करते हैं. मुख्यमत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने गर्वनर हाउस में हुई एक गोपनीय बैठक में सुझाव दिया था कि अयोध्या में विवादित स्थल से कुछ ही दूरी पर एक भब्य मंदिर बना दिया जाय. 'एक तरफ शंख ध्वनि सुनाई दे और दूसरी तरफ अजान भी होती रहे. मंदिर के बारे में अदालत का फैसला आने पर दूसरा मंदिर भी बन सकता था, जिससे दो-दो मंदिर बन जाते. लेकिन मेरा सुझाव नहीं माना गया क्योंकि कुछ लोग संतो से मेरा टकराव कराना चाहते थे. मुख्यमंत्री यादव ने सफाई दी कि वे कभी भी संतो से टकराव नहीं चाहते थे. क्योंकि संतो से टकराव करके कोई जीत नहीं सकता. मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण शिविर का उदघाटन करने के पहले कामद मंदिर में माथा टेका उनकी देखा-देखी पार्टी के मंत्री, विधायक, और सैकड़ो कार्यकर्ता मंदिर में पूजा अर्चना करके पांच किलोमीटर लम्बी परिक्रमा पैदल कर रहे है. रामायण मेला प्रेक्षाग्रह में समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय चिंतन शिविर चल रहा हैं जिसमें मुख्यमंत्री मुलायम सिह यादव, जनेश्वर मिश्र, मोहन सिह और ब्रजभूषण जैसे पुराने समाजवादी हिस्सा ले रहे हैं. इससे पहले उन्होंने अपने उदघाटन भाषण में पार्टी के नेताओं को सत्ताधारी पार्टी की बुराइयों जैसे भ्रष्टाचार, आलस और आरामतलबी से दूर रहने को कहा था. मुख्यमंत्री यादव और पार्टी के महासचिव अमर सिंह दोनों ने केंद्र की कांग्रेस सरकार विशेषकर सोनिया गांधी की तीखी आलोचना की और कहा पिछले दिनों बिल क्लिंटन के दौरे में अनेक बाधाएँ डालने की कोशिश की गई थी. जो पार्टी कार्यकर्ता सरकार और मंत्रियों की उपेक्षा से खिन्न थे अब वे यहाँ नेताओं के साथ कंधा रगड़कर संतोष प्रकट कर रहे हैं. |
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