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'पुल गिरने से 33 सैनिकों की मौत' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हिमाचल प्रदेश में सतलज नदी पर एक निर्माणाधीन पुल के टूट जाने से कम से कम 33 सैनिकों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है. अधिकारियों ने कहा ये सैनिक पुल पर काम कर रहे थे जब वो टूट गया. लेकिन मरने वालों की संख्या की पुष्टि नहीं हुई है. कर्नल अनुराग भसीन ने बीबीसी को बताया, "मारे गए लोगों की संख्या की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन हमें डर है कि कई लोग मारे गए हैं क्योंकि पानी बहुत गहरा है और बहाव काफ़ी तेज़." खराब मौसम के चलते राहत कार्य में देरी हो रही है. ये दुर्घटना किन्नौर ज़िले में हुई है. जून में आई बाढ़ के बाद से ही किन्नौर जिला बाकी देश से कटा हुआ है. चार सैनिक तैर के जान बचाने में सफल रहे. पुल पर काम कर रहे सैनिक सेना की पश्चिमी कमान के चंडी मंदिर स्थित इंजीनियरिंग रेजिमेंट के सदस्य बताए जाते हैं. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को 50-50 हज़ार रुपये देने की घोषणा की है. हादसे के बाद आशंका व्यक्त की जा रही है कि बंद पड़े भारत-तिब्बत राजमार्ग को चालू करने में और देरी होगी. |
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