| यूपी में मस्तिष्क ज्वर का क़हर जारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश में इंसेफ़्लाइटिस यानि मस्तिष्क ज्वर से मरनेवालों की संख्या 214 पहुँच गई है. यह बीमारी अभी तक उत्तर प्रदेश के कुछ पूर्वी ज़िलों में फैली हुई थी लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों ने आशंका जताई है कि यह आसपास के अन्य और ज़िलों में फैल सकती है. अधिकारियों का कहना है कि मस्तिष्क ज्वर से पिछले कुछ दिनों में 20 लोगों की मौत हुई है. डॉक्टरों का कहना है कि गोरखपुर ज़िले में इससे अब तक सबसे ज़्यादा मौतें हुई हैं और मरनेवालों की संख्या बढ़कर 214 तक पहुँच गई है. राजधानी लखनऊ से विशेषज्ञों की एक टीम गोरखपुर रवाना की गई है जो हालात का जायजा लेगी. डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी से बच्चे सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं. इसमें छह महीने से लेकर 15 साल तक के बच्चे शामिल हैं. ये बीमारी अक्सर मानसून में फैलती है. 1978 से लेकर अब तक इसके कारण भारत में हज़ारों लोग अपनी जान गवां चुके हैं. अगर एक बार ये बीमारी हो जाए तो इसका इलाज नहीं किया जा सकता. लेकिन माना जा रहा है कि दुनिया में तीन ऐसे टीके उपलब्ध हैं जिनके इस्तेमाल से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है. |
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