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महाराष्ट्र के बाद मध्यप्रदेश में भी बाढ़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के मध्य प्रदेश राज्य के इंदौर शहर में आई बाढ़ से 11 लोगों के मरने की आशंका है जबकि कई लोग लापता हैं. पुलिस ने अब तक सात लोगों के शव निकाले हैं लेकिन उसका कहना है कि हो सकता है कि ग़मुशुदा लोग भी मारे गए हों. इंदौर के आसपास के ग्रामीण इलाक़ों में बने कच्चे घर और पुरानी इमारतें ढहनी शुरू हो गई हैं. प्रशासन को डर है कि कई लोग इन इमारतों में फसे हो सकते हैं. बचाव कार्य चल रहा है और क़रीब 12000 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया है. पिछले 24 घंटों में इंदौर में 6 इंच बारिश हो चुकी है. महाराष्ट्र में राहत कार्य उधर पिछले सप्ताह हुई भारी बारिश के कारण महाराष्ट्र में अभी तक 950 लोग मारे जा चुके हैं. बारिश के कारण महाराष्ट्र को अरबों डॉलर का नुक़सान हो चुका है और दो करोड़ से ज़्यादा लोग इससे प्रभावित हुए हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण मुंबई की यातायात व्यवस्था चौपट हो गई है और राहत कार्य भी रुका पड़ा है. शहर के ज़्यादातर हिस्सों में बिजली-पानी की समस्या भी है और क़रीब एक सप्ताह से यहाँ लोगों को बिजली और पानी नहीं मिल रहा है. हज़ारों लोग तो अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं क्योंकि मुंबई में कई इलाक़े ऐसे हैं जहाँ घरों में पानी भरा हुआ है. मुंबई की कई झुग्गी बस्तियों में सरकारी राहत अभी तक नहीं पहुँच पाई है.यहाँ के लोग सरकार के रुख़ से नाराज़ हैं. लेकिन ग़ैर सरकारी संस्थाएँ इन्हें राहत पहुँचाने में लगी हैं. मुंबई के अलावा महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी स्थिति बेहतर नहीं है. ज़मीन धँसने की घटनाओं में कई लोग मारे गए हैं. राहत कार्य में लगे कर्मचारी अन्य इलाक़ों में भी शव निकालने का काम कर रहे हैं. |
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