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'निवेश प्रभावित हो सकता है' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जापान ने कहा है कि होंडा मोटरसाइकिल्स ऐंड स्कूटर इंडिया लिमिटेड की गुड़गाँव इकाई में श्रम विवाद से भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रभावित हो सकता है. भारत में जापानी राजदूत वाई इनोकी ने दिल्ली में मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि यह प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को लेकर भारत के हक़ में नहीं जाएगा और इससे भारत की छवि जापानी प्रबंधकों में नकारात्मक बनेगी. ग़ौरतलब है कि होंडा प्रबंधन के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान पुलिस से हुई झड़पों में 92 मज़दूर घायल हो गए थे. साथ ही 35 पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं थीं. ये लोग चार कर्मचारियों की बर्ख़ास्तगी और 50 कर्मचारियों के निलंबन की वापसी की माँग कर रहे थे. इस मामले को लेकर मंगलवार को संसद में भी भारी हंगामा हुआ. सीपीआई ने माँग की थी कि यह मामला एक विदेश कंपनी होंडा स्कूटर से जुड़ा है इसलिए इसमें केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए. भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई)के एक सम्मेलन के दौरान पत्रकारों ने जब जापानी राजदूत से पूछा कि क्या जापान सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करेगी तो उनका जवाब था कि मामला होंडा मोटरसाइकिल्स ऐंड स्कूटर इंडिया लिमिटेड प्रबंधन को सुलझाना है. उनका कहना था कि दूतावास इस मामले में फिलहाल कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा. जब उनसे पूछा गया कि इस मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा है तो उनका जवाब था, "राजनीतिक दलों को ऐसे मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. भारत ऐसा देश है जहाँ कमज़ोर की रक्षा की जाती है.'' जापानी राजदूत का कहना था कि यह स्वतंत्र घटना है और इसे बड़ा नहीं माना जाना चाहिए. राजदूत इनोकी का कहना था, ''यूरोप, अमरीका और अब एशिया सभी जगह श्रम समस्या है.'' |
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