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गुड़गाँव में हिंसक झड़पों की जाँच के आदेश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के उत्तरी राज्य हरियाणा में राज्य सरकार ने गुड़गाँव शहर में हुई झड़पों की जाँच के आदेश दे दिए हैं. गुड़गाँव में सोमवार को पुलिस और एक निजी कंपनी के कर्मचारियों के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं. अधिकारियों ने बताया कि हिंसक भीड़ ने 10 वाहनों का आग लगा दी थी. इन झड़पों में 65 लोग घायल हुए हैं और कई पुलिसकर्मियों को भी चोट पहुँची है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने राज्य के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा से कहा है कि वो घटनास्थल का दौरा करें और दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाए. बीबीसी से बातचीत में भूपिंदर सिंह हुड्डा ने इसे दुखद घटना बताते हुए कहा कि पंद्रह दिन के अंदर जाँच की रिपोर्ट आ जाएगी. इस सिलसिले में क़म से क़म 100 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. झड़प उस समय शुरू हुई जब होंडा मोटरसाइकिल-स्कूटर कंपनी के कर्मचारी अपने एक साथी को क़ाम से हटाए जाने का विरोध कर रहे थे. अपना विरोध जताने के लिए ये लोग सड़क पर उतर आए और गुड़गाँव को दिल्ली से जोड़ने वाले सड़क मार्ग को अवरुद्ध करने की कोशिश की. गुड़गाँव में हुई इस घटना ने राजनीतिक मोड़ ले लिया है. हरियाणा के मुख्यमंत्री का कहना है कुछ पार्टियां इस मुद्दे पर राजनीतिक रोटियाँ सेकने की कोशिश कर रही हैं. वहीं वामपंथी पार्टियों और एनडीए गठबंधन ने घोषणा की है कि वो इस मुद्दो को संसद में उठाएगा. विपक्ष का कहना है कि इन झड़पों में 500 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. विपक्ष ने राज्य सरकार के इस्तीफ़े की माँग की है. |
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