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गुड़गाँव घटना पर संसद में हंगामा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हरियाणा के गुड़गाँव में सोमवार को होंडा मोटर कंपनी और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़पों की घटना को लेकर मंगलवार को संसद में भारी हंगामा हुआ. इस बीच राज्य सरकार ने इस घटना की न्यायिक जाँच के आदेश दिए हैं. गृह मंत्री शिवराज पाटिल के बयान से संतुष्ट न होकर वामपंथी और भाजपा नेताओं ने लोकसभा से बहिर्गमन किया. इधर गुड़गाँव में उत्तेजित मज़दूरों और पुलिस प्रशासन के बीच छुट-पुट झड़पें होने की ख़बर है. ग़ौरतलब है कि सोमवार को मज़दूरों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुईं जिनमें अनेक लोग घायल हुए थे. मंगलवार को जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने लोकसभा प्रश्नकाल स्थगित कर इस मामले पर बहस करवाने की अनुमति दे दी. गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने घटना पर संसद में बयान देते हुए कहा कि जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही थी, तब पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इसमें 92 मज़दूर घायल हो गए. साथ ही 35 पुलिसकर्मियों को चोटें आईं हैं. पाटिल का कहना था कि राज्य सरकार ने इसकी मजिस्ट्रेट से जाँच कराने का आदेश दे दिया है. उन्होंने कहा कि यह राज्य का मामला है और केंद्र सरकार न्यायिक जाँच का आदेश नहीं दे सकती है. न्यायिक जाँच की माँग सीपीआई नेता गुरुदास दासगुप्ता और सीपीएम नेता वासुदेव आचार्य ने इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से जाँच कराने और गुड़गाँव के अधिकारियों को बर्ख़ास्त करने की माँग की.
गुरुदास दासगुप्ता ने इस मामले पर प्रधानमंत्री से बयान की माँग की लेकिन लोक सभा अध्यक्ष ने गृह मंत्री से बयान पर सहमति दे दी. सीपीआई नेता का कहना था कि यह मामला एक विदेश कंपनी होंडा स्कूटर से जुड़ा है इसलिए इसमें केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए. इसके पहले भाजपा के नेता विजय कुमार मल्होत्रा ने मामले को उठाते हुए इसकी तुलना जलियावालाँ बाग से की और हरियाणा सरकार की बर्ख़ास्तगी की माँग की. उनका आरोप था कि हरियाणा सरकार के आदेश पर पुलिस ने मज़दूरों की पिटाई की. इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्षी सदस्यों के बीच तीखी तक़रार हुई. जनता दल-यू नेता नीतिश कुमार ने इस घटना की निंदा की और कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हाल में भारत में ब्रिटिश राज की तारीफ़ की थी, इसके कारण पुलिस का इतना मनोबल बढ़ा और यह घटना घटित हुई. घटना उल्लेखनीय है कि गुड़गाँव में सोमवार को पुलिस और एक निजी कंपनी के कर्मचारियों के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं. अधिकारियों का कहना है कि इन झड़पों में 65 लोग घायल हुए हैं और कई पुलिसकर्मियों को भी चोट पहुँची है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने राज्य के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा से कहा है कि वो घटनास्थल का दौरा करें और दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाए. बीबीसी से बातचीत में भूपिंदर सिंह हुड्डा ने इसे दुखद घटना बताते हुए कहा कि पंद्रह दिन के अंदर जाँच की रिपोर्ट आ जाएगी. झड़प उस समय शुरू हुई जब होंडा मोटरसाइकिल-स्कूटर कंपनी के कर्मचारी अपने एक साथी को काम से हटाए जाने का विरोध कर रहे थे. अपना विरोध जताने के लिए ये लोग सड़क पर उतर आए और गुड़गाँव को दिल्ली से जोड़ने वाले सड़क मार्ग को अवरुद्ध करने की कोशिश की. भाजपा का कहना है कि इन झड़पों में लगभग 500 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. उन्होंने राज्य सरकार के इस्तीफ़े की माँग की है. |
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