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कराची में मौलवी के क़त्ल के बाद एलर्ट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के कराची शहर में सुन्नी समुदाय के एक मौलवी के क़त्ल के बाद हाई एलर्ट घोषित कर दिया गया है. 55 साल के मुफ़्ती अतिक़ुर रहमान की गुरुवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. हमले के वक्त मुफ़्ती रहमान अपनी कार में जा रहे थे. हमले में घायल हुए एक और व्यक्ति ने बाद में दम तोड़ दिया. हमले में घायल हुए मुफ़्ती रहमान के दस साल के बेटे इमादुर की हालत अब स्थिर है. मौलवी रहमान मुफ़्ती निज़ामुद्दीन शामज़ई की जगह क़ाम कर रहे थे जिनका पिछले साल मई में क़त्ल कर दिया गया था. शामज़ई की हत्या के बाद भी हिंसा भड़क गई थी. पिछले कुछ सालों में कराची में सुन्नी और शिया समुदायों के बीच हिंसक वारदातें होती रही हैं. बेटा भी घायल मुफ़्ती रहमान की मौत की ख़बर फैलते ही उनके मदरसे से जुड़े कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए. कराची के पुलिस प्रमुख तारिक़ जमील ने कहा है कि हमलावरों को जल्द गिरफ़्तार कर लिया जाएगा. पाकिस्तान में क़रीब 80 फ़ीसदी लोग सुन्नी हैं और क़रीब 20 फ़ीसदी लोग शिया समुदाय से हैं. पैगंबर मोहम्मद के वारिस को लेकर दोनों समुदायों में सातवीं शताब्दी से ही विवाद चल रहा है. इस विवाद के चलते पाकिस्तान में पिछले 25 सालों में क़रीब 4000 लोग मारे जा चुके हैं. |
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