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दिल्ली में हुए कई विस्फोट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली के दो सिनेमाघरों में एक के बाद एक हुए धमाकों में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और कम से कम 49 लोग घायल हुए हैं. पहला धमाका दिल्ली के करोलबाग इलाक़े में स्थित लिबर्टी सिनेमाघर में देर शाम हुआ. इसके कुछ ही समय बाद पटेल नगर स्थित सत्यम सिनेमाघर में भी धमाका हुआ. लेकिन घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है. इन दोनों सिनेमाघरों में विवादास्पद फ़िल्म 'जो बोले सो निहाल' दिखाई जा रही थी. धमाके के बाद दोनों सिनेमाघरों को सील कर दिया गया है और बड़ी संख्या में वहाँ पुलिसबल मौजूद हैं. इन दो विस्फोटों के कई घंटे बाद भारतीय समयानुसार सुबह पौने छह बजे नंदनगरी में भी एक विस्फोट हुआ जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ है. अधिकारी अभी इस बारे में कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं कि इन धमाकों के पीछे किसका हाथ है. बीबीसी से विशेष बातचीत में गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जयसवाल ने कहा कि राजधानी दिल्ली के अन्य सिनेमाघरों को चौकस कर दिया गया है. माहौल बीबीसी संवाददाता नागेंदर शर्मा ने बताया है कि धमाके के बाद वहाँ अफ़रा-तफ़री का माहौल था और घायलों को आसपास के क़रीब पाँच अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
उन्होंने लिबर्टी सिनेमाघर के बाहर कई लोगों से बात की, जिन्होंने बताया कि धमाका इतना ज़बरदस्त था कि सिनेमाघर में एक बड़ा गड्ढा बन गया है. समाचार एजेंसी एएफ़पी से बातचीत में दिल्ली पुलिस के प्रमुख केके पॉल ने बताया, "लिबर्टी सिनेमाघर में बम एक सीट से बाँधा गया था जबकि सत्यम सिनेमाघर में बम बाथरूम में रखा गया था." 'जो बोले सो निहाल' फ़िल्म के प्रदर्शन के बाद से ही इसका विरोध हो रहा है. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) ने भी पिछले दिनों फ़िल्म के निर्माता-निर्देशकों से कहा था कि वे फ़िल्म दिखाना बंद करें. फ़िल्म के विरोधियों का कहना है कि इसके नाम में सिखों के धार्मिक नारे का बेमतलब इस्तेमाल किया गया है. फ़िल्म में निहाल सिंह नामक एक पुलिस अधिकारी की कहानी है जो ग़लती से एक चरमपंथी को रिहा कर देता है. निहाल सिंह की भूमिका सन्नी देओल ने की है. |
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