|
भाजपा में युवा नेतृत्व का सवाल उठा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नक़वी ने पार्टी में युवा नेतृत्व को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है. उन्होंने उत्तर प्रदेश में एक जनपंचायत में कहा कि भाजपा अगला लोक सभा चुनाव दूसरी पीढ़ी के नेतृत्व में लड़ेगी. बाद में दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में नक़वी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई नई बात नहीं कही है, आडवाणी स्वयं यह बात कह चुके हैं. नक़वी का कहना था कि अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी ने ही दूसरी पीढ़ी के नेताओं को तैयार किया है. एक सवाल के जवाब में भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी में एक से एक योग्य नेता तैयार हो चुके हैं जो पार्टी का कुशल नेतृत्व कर सकते हैं. इसके पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख सुदर्शन ने वाजेपयी और आडवाणी को अवकाशग्रहण करने की सलाह दी थी. इसके बाद वाजपेयी ने आरएसएस प्रमुख की राय का समर्थन कर दिया था. लेकिन बाद में वाजपेयी ने कहा कि उनके जवाब का गलत अर्थ निकाला गया. अच्छी सलाह उल्लेखनीय है कि एक टेलीविज़न चैनल को दिए गए साक्षात्कार में संघ के प्रमुख सुदर्शन ने सलाह दी थी कि अटलबिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी दोनों की उम्र अधिक हो गई है और अब उन्हें सेवानिवृत हो जाना चाहिए. सुदर्शन ने सलाह दी थी कि पार्टी की ज़िम्मेदारी अब अपेक्षाकृत युवा लोगों को सौंप देनी चाहिए. संघ प्रमुख सुदर्शन की सलाह पर प्रतिक्रिया पूछने पर वाजपेयी ने संसद परिसर में पत्रकारों से कहा था, "अच्छा परामर्श है." उन्होंने अपने सेवानिवृत्ति के बारे में कहा, "मैं किसी पद पर नहीं हूँ और पहले से ही कोई काम नहीं कर रहा हूँ." और भाजपा अध्यक्ष आडवाणी के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में वाजपेयी ने कहा था, "आडवाणी जी पद पर हैं, वो फ़ैसला करेंगे, पार्टी फ़ैसला करेगी." |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||