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तालेबान ने रेडियो प्रसारण शुरू किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कट्टरपंथी इस्लामी संगठन तालेबान ने अफ़ग़ानिस्तान के कुछ हिस्सों में रेडियो प्रसारण शुरू किया है. प्रसारण किसी गुप्त ठिकाने से यानी पाइरट रेडियो के रूप में किया जा रहा है. तालेबान के प्रसारण को वॉयस ऑफ़ शरिया का नाम दिया गया है. उल्लेखनीय है कि 2001 में सत्ता से बेदखल किए जाने से पहले भी तालेबान इसी नाम से रेडियो चलाता था. तालेबान के एक प्रवक्ता ने कहा है कि सचल ट्रांसमीटरों के ज़रिए एक घंटे का कार्यक्रम रोज़ाना दो बार प्रसारित किया जाएगा. प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिमी मीडिया के कथित दुष्प्रचार के मुक़ाबले के लिए उन्हें अपने रेडियो की ज़रूरत थी. वॉयस ऑफ़ शरिया की अफ़ग़ानिस्तान की दोनों मुख्य भाषाओं डारी और पश्तो में प्रसारण की योजना है. मौजूदा प्रसारण देश के दक्षिणी इलाक़े में सुनाई पड़ता है. उल्लेखनीय है कि इस इलाक़े में चरमपंथी सक्रिय रहे हैं, और विदेशी सैनिकों की भी भारी तैनाती है. तालेबान के प्रसारणों में अमरीका समर्थित अफ़ग़ानिस्तान की हामिद करज़ई सरकार की आलोचना की जाती है. इसमें रोज़ पुराने तालेबान रेडियो जैसा ही क़ुरान का पाठ सुनाया जाता है. तालेबान ने अफ़ग़ानिस्तान से विदेशी सैनिकों के निकल जाने तक सरकार और इसके समर्थकों, ख़ास कर अमरीका के ख़िलाफ़ चरमपंथी कार्रवाइयाँ करते रहने की बात की है. |
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