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वेन जियाबाओ मिलेंगे मनमोहन सिंह से | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की चार दिन की यात्रा पर आए चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ की मुलाक़ात आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से होनी है. मुलाक़ात के दौरान जियाबाओ भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ सीमा विवाद सुलझाने के मकसद से एक समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. सीमा विवाद पर किसी समझौते के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने कहा " दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों की बैठक हुई थी और बातचीत सफल रही है. " सरना ने कहा कि दोनों प्रधानमंत्री सीमा विवाद सुलझाने के मकसद से एक समझौते पर सोमवार को हस्ताक्षर कर सकते हैं. दोनों नेताओं के बीच आपसी सहयोग के विभिन्न मुद्दों के साथ ही सीमा विवाद जैसे गंभीर मुद्दों पर भी बातचीत होने की संभावना है. जियाबाओ की भारत यात्रा को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उनके साथ विदेश मंत्री ली जाओजिंग भी भारत में हैं. दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के लिए विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किए गए हैं और दोनों प्रतिनिधियों की पांच दौर की वार्ता भी हो चुकी है. जियाबाओ या जाओजिंग ने अपनी विभिन्न मुलाक़ातों के बारे में मीडिया से बात नहीं की है और इसे लेकर सिर्फ क़यास ही लगाए जा रहे हैं. दोनों देशों के बीच तिब्बत को दिया जा रहा भारतीय समर्थन भी एक बड़ा मुद्दा बन सकता है. पिछले कुछ वर्षों में भारत का झुकाव चीन की तरफ अधिक हुआ है और तिब्बत के धार्मिक गुरु दलाई लामा ने भी चीन के साथ संबंध सुधारने की कई कोशिशें की हैं. इसके बावजूद जब कभी चीन के बड़े नेता भारत आते हैं तो भारत में निर्वासित जीवन व्यतीत कर रहे तिब्बती लोग विरोध प्रदर्शन करते है जिससे चीनी नेता शायद ही खुश होते हों. बंगलौर में भी जियाबाओ की यात्रा के दौरान ऐसी घटना हुई है जब एक तिब्बती युवक तिब्बत का झंडा लेकर भारतीय विज्ञान संस्थान की इमारत पर चढ़ गया था. इसी परिसर में जियाबाओ संस्थान के वैज्ञानिकों से मुलाक़ात कर रहे थे. इस घटना के बाद जियाबाओ के चेहरे पर परेशानी दिख रही थी. बंगलौर का दौरा जियाबाओ दो दिन पहले भारत पहुंचे और वो सबसे पहले गए बंगलौर. रविवार को जियाबाओ ने बंगलौर में कुछ प्रमुख कंपनियों का दौरा किया. बंगलौर दौरे के बाद जियाबाओ भारतीय नेताओं से मिलने दिल्ली पहुँचे . उन्होंने रविवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाक़ात की. सहयोग चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ अपनी बंगलौर यात्रा के प्रारंभिक चरण में रविवार को बंगलौर पहुँचे और वहाँ सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कुछ प्रमुख कंपनियों का दौरा किया. समाचार एजेंसियों के अनुसार उन्होंने वहाँ भारत की सबसे बड़ी सॉफ़्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) तथा चीन की बड़ी दूरसंचार कंपनी हुवेई टेक्नोलॉजीज़ की भारत स्थित कंपनी का दौरा किया. एजेंसियों के अनुसार टीसीएस में अधिकारियों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा,"भारत और चीन में बहुत सारे बुद्धिमान लोग हैं और विश्व में हमारे लिए आईटी का बहुत बड़ा बाज़ार बनता जा रहा है". वेन जियाबाओ ने उम्मीद जताई कि अगर भारत और चीन आईटी क्षेत्र में सहयोग करते हैं तो दोनों देश दुनिया में आईटी उद्योग के अगुआ बन सकते हैं. वेन जियाबाओ दक्षिण एशियाई देशों के दौरे के तहत श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश होते हुए भारत की यात्रा पर पहुँचे हैं. |
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