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नानावती आयोग की रिपोर्ट जारी हो | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता ए बी बर्धन ने कहा है कि केंद्र सरकार को 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों पर दी गई नानावती आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए. बीबीसी के विशेष कार्यक्रम आपकी बात बीबीसी के साथ श्रोताओं के सवालों के जवाब में बर्धन ने कहा कि नानावती आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक होनी ही चाहिए. नानावती आयोग ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है और विपक्ष लगातार इस रिपोर्ट को संसद में पेश करने की मांग करता रहा है. बर्धन ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा " मेरी राय है कि नानावती रिपोर्ट पर कार्यान्वयन होना चाहिए. 1984 में नरसंहार हुआ था. मैं उस समय दिल्ली में था. दोषियों को सजा मिलनी चाहिए. इसे क्यों नहीं सार्वजनिक किया जाए." बर्धन ने कांग्रेस के साथ केंद्र में जारी गठबंधन और विधानसभा चुनावों में अलग अलग चुनाव लड़ने पर भी अपनी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बिहार और झारखंड में गठबंधन बिना पूछे किया जिसका नतीजा हुआ कि झारखंड में भाजपा वापस आ गई और बिहार मे सरकार ही नहीं है. एक श्रोता के इस सवाल के जवाब में कि क्या वामपंथी दल सिर्फ दबाव की राजनीति कर रहे हैं,बर्धन ने कहा कि हम बस ये चाहते हैं कि सरकार न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर अमल करे और आम जनता की भावनाओं का ख्याल रखे. |
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