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नेपाल में विरोध प्रदर्शन, 500 गिरफ्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में नरेश ज्ञानेंद्र के सत्ता हाथ में लिए जाने के ख़िलाफ़ देश भर में हुए विरोध प्रदर्शनों में 500 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आयोजकों का कहना है कि दक्षिण के जनकपुर शहर में कम से कम साढ़े तीन सौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. ये सभी लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे. पूर्व के काकरबीटा थानांतर्गत पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. इन विरोध प्रदर्शनों का आयोजन नेपाल के पांच प्रमुख राजनीतिक दलों ने किया था. तरह तरह के बैनर काठमांडू में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि राजधानी में हुए सारे प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे हैं लेकिन पुलिस ने एक पूर्व कार्यवाहक प्रधानमंत्री बाल बहादुर राय को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी, यूनाइटेड मार्क्सवादी और लेनिनवादी के एक राजनीतिज्ञ हीरा बहादुर सिंह को भी छह प्रदर्शनकारियों के साथ गिरफ्तार किया गया है. एएफ़पी संवाद समिति का कहना है कि कई प्रदर्शनकारियों को एक वैन में भर कर दूर ले जाया गया. ये सभी लोग नरेश के ख़िलाफ़ बैनर लेकर जा रहे थे और नारे लगा रहे थे. नेपाली कांग्रेस के पूर्व सांसद गोपाल कोईराला समेत एक दर्जन कार्यकर्ताओं को झापा के पास गिरफ़्तार किया गया है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि गिरफ़्तार किए गए अधिकतर लोग राजनीतिक कार्यकर्ता हैं और आम जनता ने इन प्रदर्शनों में जम कर हिस्सा नहीं लिया है. हालांकि धीरे धीरे प्रदर्शन बेहतर तरीके से आयोजित होने लगे हैं. |
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