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झारखंड में आज अर्जुन मुंडा लेंगे शपथ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
शुक्रवार को दिन भर चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद झारखंड के राज्यपाल सैयद सिब्ते रज़ी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को सरकार बनाने का न्यौता दिया है. अर्जुन मुंडा आज मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे हैं. राज्यपाल ने उन्हें बहुमत साबित करने के लिए दस दिन क समय दिया है यानी उन्हें 21 मार्च तक बहुमत साबित करना है. बीबीसी से विशेष बातचीत में अर्जुन मुंडा ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वे बहुमत साबित कर देंगे. मुंडा ने एनडीए को सरकार बनाने का न्यौता दिए जाने को लोकतंत्र की जीत बताया है. इससे पहले मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने केंद्रीय कैबिनेट की राजनीतिक मामलों की समिति के निर्देश पर अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया. शिबू सोरेन ने शुक्रवार रात को राज्यपाल सैयद सिब्ते रज़ी से मिलकर अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया. नई दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक के बाद गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने कहा कि समिति ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के आधार पर ये निर्देश दिया है. गृह मंत्री ने झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की अटकलों को भी ख़ारिज कर दिया और कहा कि सरकार बनाने के लिए दूसरी पार्टियों को मौक़ा दिया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड में शिबू सोरेन सरकार को शुक्रवार को विश्वास मत हासिल करने को कहा था. लेकिन प्रोटेम स्पीकर के अधिकारों को लेकर उठे विवाद के कारण विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित कर दी गई थी. शिबू सोरेन के अपने पद से त्यागपत्र देने के बाद राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) खेमे में ख़ुशी की लहर दौड़ गई है. उम्मीद है कि राज्यपाल में एनडीए को सरकार बनाने का मौक़ा देंगे. घटनाक्रम झारखंड में शुक्रवार को शिबू सोरेन सरकार को अपना बहुमत साबित करना था लेकिन लगातार हंगामे के बीच विधानसभा की बैठक मंगलवार तक के लिए टाल दी गई. विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस-झामुमो गठबंधन के सदस्यों ने ही प्रोटेम स्पीकर के अधिकारों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया. दिन भर में छह बार विधानसभा की कार्यवाही रोकनी पड़ी और आख़िरकार प्रोटेम स्पीकर ने कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगति कर दी. सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च तक शिबू सोरेन सरकार से बहुमत साबित करने के लिए कहा था लेकिन ऐसा नहीं हो सका. एनडीए और कांग्रेस-झामुमो गठबंधन के बहुमत को लेकर जारी विवादों के बीच राज्यपाल ने शिबू सोरेन को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई और 15 मार्च तक बहुमत साबित करने को कहा. मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया और कोर्ट ने 11 मार्च तक बहुमत साबित करने को कहा लेकिन फिर विधायी मामलों में अदालती हस्तक्षेप का मामल गर्मा गया. झारखंड में पिछले दिनों हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा और उसके सहयोगी दलों को 36 सीटें मिली हैं जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगियों को 26 एवं राजद को सात. 81 सदस्यीय विधानसभा में 12 निर्दलीय विधायक हैं और बहुमत के लिए 41 सदस्यों की ज़रूरत है. |
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