|
'कई बदलाव किए जाएँगे बिहार में' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद राज्यपाल बूटा सिंह ने राज्य के प्रशासन में जल्दी ही व्यापक फेरबदल करने की बात कही है. पटना में एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद संवाददाताओं के साथ बातचीत में बूटा सिंह ने कहा कि राज्य के पुलिस एवं नागरिक प्रशासन में जल्दी ही बड़ा फेरबदल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था और विकास को दुरुस्त करने के अलावा बिहार - नेपाल की सीमा से हो रही आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाना उनका प्रमुख उद्देश्य होगा. इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और लोगों के मानवाधिकार की सुरक्षा जैसे मुद्दों को भी ध्यान में रखा जाएगा. मुख्य सचिवालय में हुई इस बैठक में राज्य के मुख्य सचिव के ए एच सुब्रमण्यम, गृह आयुक्त गिरीश शंकर और पुलिस महानिदेशक नारायण मिश्रा मौजूद थे. सिंह ने कहा कि राज्य के असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है और लोगों को सुरक्षा मुहैया कराइ जाएगी. बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के बारे में राज्यपाल ने कहा कि उनकी कोशिश थी कि राज्य में लोकप्रिय सरकार बने लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका जिसके कारण राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ा. समाचार एजेंसी प्रेट्र के अनुसार बूटा सिंह ने कहा " मैंने राज्य के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और निर्दलीय सांसदों को आमंत्रित किया लेकिन किसी के भी पास बहुमत के लिए आवश्यक विधायक नहीं थे. " उन्होंने कहा " मेरे पास राष्ट्रपति शासन की सिफारिश के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था.क्योंकि कोई भी यह आश्वासन देने में सक्षम नहीं था कि उनके पास बहुमत है." अपने सलाहकारों की नियुक्ति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा " जैसे ही ये नियुक्तियां होंगी आपको बता दिया जाएगा. " |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||