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गोवा में राष्ट्रपति शासन का फ़ैसला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गोवा में कांग्रेस की प्रताप सिंह राणे सरकार के बहुमत हासिल करने के कुछ ही घंटे बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वहाँ राष्ट्रपति शासन लगाने का फ़ैसला किया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल की एक बैठक के बाद गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने बताया कि गोवा में राष्ट्रपति शासन लगाकर वहाँ विधानसभा को लंबित रखने का निर्णय लिया गया है. उल्लेखनीय है कि पिछले एक महीने से गोवा में राजनीतिक अस्थिरता का दौर चल रहा है. मंत्रिमंडल की बैठक के बाद गृहमंत्री पाटिल ने बताया कि गोवा में संवैधानिक स्थिति इस तरह दिखाई नहीं दे रही है कि वहाँ सरकार प्रदेश को चलाया सके. उन्होंने बताया कि इस माह के अंत तक गोवा में बजट पेश होना है और यदि नहीं हो पाया तो संवैधानिक संकट उत्पन्न हो जाएगा. उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने राष्ट्रपति से गोवा में राष्ट्रपति शासन लगाने का अनुरोध करने का फ़ैसला किया है. राजनीतिक अस्थिरता गोवा में पिछले कई दिनों से गोवा में राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है. शुक्रवार की सुबह भी गोवा में विश्वासमत हासिल करने की प्रक्रिया नाटकीय ढंग से संपन्न हुई जिसमें कांग्रेस की प्रताप सिंह राणे सरकार ने विश्वास मत जीत लिया था. इस विश्वासमत के लिए निर्णय अस्थाई स्पीकर फ्रांसिस्को सारडिना के वोट से हुआ क्योंकि कांग्रेस और भाजपा को बराबर 16-16 वोट मिले थे. और इसके लिए कार्यकारी स्पीकर ने यूजीडीपी के सदस्य मथानी सल्दाना को निलंबित कर दिया था. सल्दाना भाजपा का समर्थन कर रहे थे.
भाजपा ने आरोप लगाया है कि अस्थाई स्पीकर ने सल्दाना को असंवैधानिक ढंग से निलंबित किया है. राजनीतिक अस्थिरता की शुरुआत राज्यपाल द्वारा भाजपा की मनोहर पणिक्कर सरकार को पिछले महीने बर्ख़ास्त करने से हुई थी. राज्यपाल का कहना था कि एक निर्दलीय विधायक को जिस तरह से बर्ख़ास्त करके विश्वासमत हासिल किया गया वह असंवैधानिक था. अपनी सरकार बर्ख़ास्त किए जाने के ख़िलाफ़ पणिक्कर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की है. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि वह गोवा विधानसभा में विश्वासमत पर नज़र लगाए हुए हैं और उसके परिणाम के बाद ही इस मामले की सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख़ सोमवार तय की है. संवाददाताओं का कहना है कि झारखंड में राज्यपाल के फ़ैसले से राजनीतिक विरोध झेल रही कांग्रेस गोवा में राष्ट्रपति शासन का फ़ैसला करके मामले को दूसरे सिरे से संतुलित करने की कोशिश कर रही है. |
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