| कांग्रेसी प्रताप राणे गोवा के मुख्यमंत्री बने | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गोवा में भारतीय जनता पार्टी के बर्ख़ास्त होने के बाद, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड लेजिस्लेटिव फ़ोरम के नेता प्रताप सिंह राणे को बुधवार देर रात मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई. इस तरह यूनाइटेड लेजिस्लेटिव फ़ोरम की सरकार गोवा में सत्ता में आ गई है. इस सरकार में उप मुख्यमंत्री का पद एक निर्दलीय विधायक फ़िलिप रॉड्रीग्ज़ को दिया गया है. महत्वपूर्ण है कि इससे कुछ ही घंटे पहले गोवा के राज्यपाल ने भारतीय जनता पार्टी सरकार को बर्ख़ास्त कर दिया था. इससे पहले कुछ दिनों से संकट के बादल झेलती भाजपा सरकार ने विधानसभा में एक वोट से विवादास्पद विश्वास-मत हासिल किया था. विवाद तब उठा था जब विधानसभा के स्पीकर ने निर्दलीय विधायक फ़िलिप रॉड्रीग्ज़ को मतदान में भाग लेने की अनुमति नहीं दी क्योंकि वे विधानसभा में अनुचित व्यवहार करते पाए गए. विश्वास-मत में भाजपा के समर्थन में 18 वोट मिले और उसके ख़िलाफ़ 17 वोट पड़े था. आरोप-प्रत्यारोप लेकिन कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि ये मतदान असंवैधानिक था. बीबीसी के साथ साक्षात्कार में कांग्रेस प्रवक्ता जीतेंद्र प्रभु ने स्पीकर पर सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में फ़ैसला करने का आरोप लगाया. कांग्रेस के विधायक राज्यपाल से मिले और इसके बाद सरकार को बर्ख़ास्त कर दिया गया. इसके बाद कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा पेश किया. पर्यवेक्षकों का कहना है कि सरकार बर्ख़ास्त करने से गोवा में जो राजनीतिक अनिश्चितता पैदा हुई है वह कुछ और देर चल सकती है. उधर भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सरकार बर्ख़ास्त करने के राज्यपाल के फ़ैसले को असंवैधानिक ठहराया है. उनका कहना था कि उनकी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कालाम से मिलेगा और उनसे अनुरोध करेगा कि इस मामले में हस्तक्षेप करें. |
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