|
'भारत-पाक संयुक्त परियोजनाएँ!' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ ने कहा है कि पाकिस्तान और भारत के बीच विश्वास बढ़ाने के लिए वे भारत के सामने कई संयुक्त परियोजना के प्रस्ताव रखेंगे. उनका कहना था कि वे ये प्रस्ताव भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ इस हफ़्ते होने वाली मुलाकात में रखेंगे. दोनो नेता बांग्लादेश में क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान मिलेंगे. उनका कहना था कि ऐसी परियोजनाओं में सहयोग से दोनो देशों में तनाव में कमी आएगी और फिर हो सकता है कि कश्मीर समस्या का हल भी निकल आए. प्रमुख प्रस्तावों में पाकिस्तान के बीच से गुज़रती हुई भारत-ईरान तेल पाइपलाईन और बैंको के बीच संपर्क की पेशकश हो सकती है. कुछ ही दिन पहले प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ ने कहा था कि वे भारत के साथ परंपरागत या फिर परमाणु हथियार एकत्र करने की दौड़ नहीं चाहता. समाचार एजेंसियों रॉएटर्स और एएफ़पी के अनुसार ब्रसेल्स में प्रधानमंत्री अज़ीज़ ने कहा था कि ऐसी दौड़ आर्थिक और नैतिक दृष्टि से सही नहीं ठहराई जा सकती और पूरे क्षेत्र के लिए विनाशकारी होगी. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||