| 'हथियार एकत्र करने की दौड़ नहीं चाहते' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ ने कहा है कि पाकिस्तान भारत के साथ परंपरागत या फिर परमाणु हथियार एकत्र करने की दौड़ नहीं चाहता. समाचार एजेंसियों रॉएटर्स और एएफ़पी के अनुसार ब्रसेल्स में प्रधानमंत्री अज़ीज़ ने कहा कि ऐसी दौड़ आर्थिक और नैतिक दृष्टि से सही नहीं ठहराई जा सकती और पूरे क्षेत्र के लिए विनाशकारी होगी. इन एजेंसियों के अनुसार प्रधानमंत्री अज़ीज़ ने कहा,"पाकिस्तान भारत समेत किसी भी देश के साथ हथियार एकत्र करने की दौड़ नहीं चाहता, फिर चाहे ये परंपरागत हथियार हों या फिर परमाणु हथियार. दोनो देशों को विकास में निवेश करना चाहिए विनाशकारी उपकरणों में नहीं." उनका कहना था, "भारत और पाकिस्तान के बीच परंपरागत सेना की संख्या का अंतर लगातार बढ़ रहा है. उन्होंने कहा, "हथियारों की दौड़ दोनो देशों के लिए विनाशकारी होगी. पाकिस्तान परमाणु हथियारों के मामले में संयम और ज़िम्मेदारी से काम करना चाहता है. हमें उम्मीद है कि भारत दक्षिण एशिया में रणनीतिक संयम बरतने की नीति से सहमत होगा." उन्होंने दोहराया कि भारत और पाकिस्तान के बीच 'मतभेद का असल मुद्दा कश्मीर समस्या है जो कश्मीरियों की सहमति से हल किया जाना चाहिए वर्ना विश्वास बढ़ाने के कदमों का फ़ायदा नहीं होगा.' |
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