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परवीन बॉबी ने अलविदा कहा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हिंदी फ़िल्मों में एक ज़माने में ख़ासा नाम कमाने वाली अभिनेत्री परवीन बॉबी का निधन हो गया है. पुलिस ने परवीन बॉबी को मुंबई में उनके घर में मृत पाया. वह 55 साल की थीं. पुलिस ने कहा है कि हो सकता है कि डायबटीज़ से हुई स्वास्थ्य जटिलताओं की वजह से उनकी मौत हुई हो. पुलिस के अनुसार परवीन बॉबी के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट के बाद ही उनकी मौत के कारणों और समय का पता चल पाएगा. पुलिस ने बताया कि परवीन बॉबी के पड़ोसियों ने सूचित किया था कि उनके घर के बाहर अख़बार और दूध के पैकेट दो दिन से पड़े थे, जिसके बाद पुलिस ने एक नक़ली चाबी से परवीन बॉबी के घर का दरवाज़ा खोला. परवीन बॉबी ने 1970 के दशक में फ़िल्मी दुनिया में क़दम रखा था और वह अपने तरीक़े से ही जीने के लिए मशहूर थीं. अपने जीवन के अंतिम दिनों में वह कुछ मानसिक अस्थिरता के दौर से गुज़र रही थीं.
परवीन बॉबी ने पचास से ज़्यादा फ़िल्मों में काम किया और अपने समय के सुपर स्टार और एंग्री यंग मैन रह चुके अमिताभ बच्चन के साथ भी उनकी कई फ़िल्मों काफ़ी लोकप्रिय हुईं. परवीन ने अपना फ़िल्मी जीवन 1973 में फ़िल्म 'चरित्र' के साथ शुरू किया और उसके दो साल बाद उन्हें अमिताभ बच्चन के साथ यश चोपड़ा की 'दीवार' फ़िल्म मिल गई जिन्होंने उन्हें शोहरत की बुलंदियों पर पहुँचा दिया. परवीन की लोकप्रिय फ़िल्मों में अमर अकबर एंथॉनी, दीवार, शान, ख़ुद्दार, काला पत्थर, सुहाग, नमक हलाल के नाम प्रमुख हैं. परवीन की ज़िंदगी के बारे में कहा जाता है कि वह तन्हाई में गुज़री है, हालाँकि बॉलीवुड में ही उनके कुछ दोस्त भी थे. उनके कुछ दोस्तों का कहना है कि परवीन बॉबी बहुत प्यारी और देखने में बिल्कुल अलग थीं. परवीन बॉबी के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने हिंदी सिनेमा में महिला के चरित्र और हावभाव को एक नया और क्रांतिकारी अंदाज़ दिया. |
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