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नेपाल में समलैंगिकों का पहला अख़बार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में समलैंगिकों के अधिकारों से जुड़े एकमात्र संगठन ने एक साप्ताहिक अख़बार शुरू किया है. ये नेपाल में इस तरह का पहला अख़बार है. काठमांडू में शुक्रवार को ब्रितानी दूतावास के एक अधिकारी ने अख़बार का लोकार्पण किया. ब्ल्यू डायमंड सोसाइटी नाम का संगठन अंग्रेज़ी और नेपाली भाषाओं में समांतर रूप से ये अख़बार प्रकाशित करेगा. संगठन का कहना है कि वह दबाए जा रहे इस समुदाय की आवाज़ को सामने लाना चाहता है और इसके प्रकाशन में ब्रितानी सरकार आर्थिक मदद दे रही है. ये संगठन ख़ुद को यौन अल्पसंख्यकों का संगठन बताता है. एक ऐसा संगठन जिसमें समलैंगिकों या यौन अल्पसंख्यकों को प्रतिनिधित्व दिया गया है. भूमिका इस संगठन ने पारंपरिक रूप से रुढ़िवादी समाज वाले देश में इस समुदाय को सामने लाने में प्रमुख भूमिका निभाई है. इसके संस्थापक सुनील पंत का कहना है कि उनका अख़बार हर उस समुदाय की आवाज़ को सामने लाएगा जिनकी आवाज़ नेपाल में सुनी ही नहीं जाती. ये महिलाओं, बच्चों, यौनकर्मियों, दलितों, एचआईवी-एड्स से प्रभावितों और यौन अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों पर ध्यान केंद्रित करेगा. इसे ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्रालय की ओर से आर्थिक मदद दी जा रही है जहाँ इस तरह की परियोजनाओं के लिए प्रावधान है. नेपाल में ब्रितानी दूतावास की ओर से ये धन दिया जाएगा. ब्रितानी राजनयिक ने बीबीसी को बताया कि ये मदद एचआईवी-एड्स का प्रभाव कम करने के ब्रिटेन के अभियान के हिस्से के तहत दी जाएगी. उनके अनुसार इसका मक़सद एड्स के साथ ज़िंदगी बिता रहे लोगों की मदद करना है क्योंकि एड्स ग़रीबी को बढ़ाने में काफ़ी मदद देता है. |
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