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जयेंद्र को ज़मानत, विजयेंद्र हिरासत में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कांची कामकोटि पीठ के कर्मचारी शंकररामण की हत्या के मामले में शंकराचार्य को सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद ही उनके उत्तराधिकारी माने जाने वाले विजयेंद्र सरस्वती को गिरफ्तार किया गया है. कांची पीठ के एक कर्मचारी शंकररमण की हत्या के मामले की जाँच के लिए गठित एक विशेष दल ने शाम छह बजे पीठ से विजयेंद्र सरस्वती को गिरफ़्तार किया. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार जब विजयेंद्र सरस्वती को गिरफ़्तार किया गया तो बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी कांचीमठ में उपस्थित थे. एजेंसियों के अनुसार शंकररमण हत्या के मामले में ही जूनियर शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती को गिरफ़्तार किया गया है. उल्लेखनीय है कि शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती इसी मामले में पिछले 11 नवंबर से जेल में हैं और उम्मीद की जा रही थी कि ज़मानत मिलने के बाद उन्हें रिहा कर दिया जाएगा लेकिन उनकी रिहाई से पहले ही कांचीमठ में पुलिस ने कार्रवाई कर दी. सर्वोच्च न्यायालय ने ज़मानत के आदेश के साथ शर्त लगाई है कि शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती कांचीमठ में प्रवेश नहीं करेंगे. इन ख़बरों के लिखे जाने तक शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती की ओर से किसी उत्तराधिकारी की घोषणा नहीं की गई है और फिलहाल दोनों शंकराचार्य की अनुपस्थिति में कांचीमठ में चल रही त्रिकाल पूजा को संपन्न कराने वाला कोई नहीं है. विजयेंद्र सरस्वती को भी शंकररामण हत्या मामले में ही गिरफ्तार किया गया है. पिछले दिनों शंकराचार्य की गिरफ्तारी के बाद कांची मठ का पूरा कार्यभार विजयेंद्र सरस्वती ने अपने ज़िम्मे ले लिया था और मठ का कामकाज देख रहे थे. इसके बाद विजयेंद्र की गिरफ्तारी हुई है यानी अब मठ का कार्यभार संभालने के लिए कोई भी नहीं है. पुराना मामला नवंबर महीने में शंकररामण की हत्या का मामला प्रकाश में आया और उसके बाद शंकराचार्य गिरफ्तार किए गए. हिंदू धर्म के आध्यात्मिक गुरुओं में से एक माने जाने वाले शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया हुई थी. लेकिन बाद में पुलिस को दिए उनके बयान और मामले की कई और परतें खुलने के बाद राजनीतिक विरोध शांत हो गया था. |
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