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रिलायंस में सुलह सफाई के आसार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के सबसे बड़े निजी औद्योगिक समूह रिलायंस को चलाने वाले दो भाईयों के बीच के मालिकाना हक को लेकर जारी विवाद थमने के आसार दिख रहे हैं. बड़े भाई मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंफोकॉम में अपने 12.01 प्रतिशत शेयर छोड़ने का फैसला किया है जिसके बाद विवाद सुलझने की संभावना जाहिर की जा रही है. क़रीब एक महीने पहले मुकेश और अनिल अंबानी के बीच मतभेदों की बात सामने आई थी. मामला इसी 12 प्रतिशत शेयरों को लेकर शुरु हुई थी. अनिल इस बात से नाराज़ थे कि मुकेश ने रिलायंस इंडस्ट्रीज का पैसा रिलायंस इंफोकॉम में क्यों लगाया और वो भी बिना किसी को बताए. मुकेश को ये शेयर कंपनी के प्रबंधक होने के नाते काफी कम कीमत (50 करोड़ रुपए) में मिली थी लेकिन बाज़ार में आते ही ये शेयर 72 अरब आंकी गई हैं. रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इन शेयरों को लेकर मुकेश अंबानी के ख़िलाफ़ पिछले दिनों अभियान छेड़ा गया इसलिए वो ये शेयर छोड़ रहे हैं. दुविधा
विश्लेषकों के अनुसार अभी ये कहना मुश्किल है कि मुकेश के इस फैसले से रिलायंस में जारी विवाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा. हालांकि कुछ जानकार मानते हैं कि मुकेश के इस फैसले के सकारात्मक परिणाम निकल सकते हैं. चूंकि इन शेयरों को लेकर ही अनिल को सबसे अधिक आपत्ति थी इसलिए संभवत वो सुलह कर लेंगे. पिछले कुछ महीने में रिलायंस का विवाद अखबारों के पहले पन्ने पर छाया हुआ है और राजनेताओं ने भी दोनों भाईयों से सुलह करने की अपील की है. रिलायंस का कारोबार कई क्षेत्रों में फैला हुआ है. कपडे, दूरसंचार, पेट्रोकेमिकल्स, वितरण, तेल , प्राकृतिक गैस और वित्तीय सेवाएं. |
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