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शंकराचार्य को फिर नहीं मिली ज़मानत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हत्या के एक मामले में जेल में बंद कांची के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती की हिरासतत अवधि 23 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है. चेन्नई की एक अदालत ने शुक्रवार को उनकी ज़मानत की अर्ज़ी को अस्वीकार कर दिया. न्यायाधीश ने जयेंद्र सरस्वती से वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से इस बारे में दलील सुनी. न्यायाधीश ने बताया कि शंकराचार्य ने उनसे कहा कि उनकी सेहत अच्छी है और जेल में उनको सारी सुविधाएँ दी जा रही हैं. शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती पिछले महीने की 11 तारीख़ से ही जेल में बंद हैं. उनपर काँची मठ के एक कर्मचारी की हत्या की साज़िश में शामिल होने का आरोप है. इसके अलावा उनपर वित्तीय गड़बड़ी और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के भी आरोप लगाए गए हैं. इससे पहले मंगलवार को चेन्नई उच्च न्यायालय ने भी उनकी ज़मानत की अर्ज़ी ठुकरा दी थी. |
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