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'पाकिस्तानी मदरसों में यौन दुर्व्यवहार' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्री आमिर लियाक़त हुसैन ने कहा है कि मदरसों में पढ़ानेवाले सैकड़ों मौलवियों के ख़िलाफ़ बच्चों के साथ यौन दुर्व्यवहार के कई मामले दर्ज किए गए हैं. उन्होंने कहा है कि पिछले दो वर्षों में बच्चों और बच्चियों के साथ दुर्व्यवहार के ऐसे लगभग ढाई हज़ार मामले दर्ज किए गए हैं. मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान में लगभग दस हज़ार मदरसों के काम-काज पर नज़र रखनेवाली संस्था, मदरसा संघ, इस बारे में जाँच करवाने के लिए तैयार हो गई है. आमिर लियाक़त ख़ान के बयान से कुछ धार्मिक नेता नाराज़ हो गए हैं और संसद में एक बैठक के दौरान उहोंने मंत्री की माफ़ी की भी माँग की. मंत्री ने ये भी कहा है कि उन्हें मौलवियों की ओर से जान से मारने की धमकियाँ भी मिली हैं. उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उनका अंतर्मन साफ़ है और उन्होंने अपना काम कर दिया है. पाकिस्तानी मंत्री का ये बयान ऐसे समय आया है जब सरकार धार्मिक नेताओं के साथ एचआईवी और एड्स के ख़िलाफ़ अभियान में उनकी मदद लेने के बारे में बात कर रही है. सरकार की ओर से धार्मिक नेताओं से बातचीत करनेवाले दल में आमिर लियाक़त ख़ान भी शामिल थे. लेकिन पाकिस्तानी मंत्री ने कहा है कि अब समय आ गया है कि पाकिस्तान बच्चों के साथ दुर्व्यवहार की कड़वी सच्चाई को सामने आने दे. |
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