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उस्ताद ने काटे बच्चों के कान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में एक मदरसे के उस्ताद ने क़ैंची से कम से कम नौ बच्चों के कान काटे और कई अन्य को ज़ख़्मी कर दिया. अब्दुल माजिद सरदार नाम के इस मास्टर का कहना है कि उन्हें इसलिए ग़ुस्सा आ गया क्योंकि बच्चे क़ुरआन की आयतें बहुत ही धीमी आवाज़ में पढ़ रहे थे. यह घटना बांग्लादेश के उत्तरी ज़िले बोगरा के एक गाँव में पिछले सोमवार को हुई. बच्चों के साथ ऐसे सलूक के बारे में सुनने के बाद अभिभावकों ने उस मास्टर की बुरी तरह से पिटाई कर डाली जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ अभी उनका इलाज चल रहा है. अभी पुलिस के पास कोई औपचारिक मामला दर्ज नहीं किया गया है लेकिन पुलिस का कहना है कि वह ख़ुद अपनी तरफ़ से ही मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है. "शैतान हावी हुआ" इस बीच मदरसे की प्रबंध समिति ने उस टीचर को बर्ख़ास्त करने का फ़ैसला किया है.
अध्यापक अब्दुल माजिद सरदार ने स्थानीय पत्रकारों को बताया, "बच्चे चूँकि बहुत शैतानी कर रहे थे इसलिए मैं उन्हें क़ैंची दिखाकर डराना चाहता था. शायद उस वक़्त शैतान मुझ पर हावी हो गया." बोगरा ज़िले के शिब्बती तिलोच गाँव में यह मदरसा सिर्फ़ छह महीने पहले ही शुरू किया गया था. इसमें छह से दस साल की उम्र के क़रीब 35 बच्चे पढ़ते हैं. मदरसे में दो अध्यापक हैं - एक अब्दुल माजिद सरदार और एक प्रिंसिपल है - अब्दुल मन्नान. पुलिस का कहना है कि नौ बच्चों के कान काट दिए गए और कुछ अन्य बच्चे ज़ख़्मी हो गए. डॉक्टरों ने दो बच्चों के कानों में टाँके लगा दिए हैं. कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मदरसे में पहले भी कई बार बच्चों को बेरहमी से पीटा गया था. |
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