| हंगामे के साथ शुरू हुआ संसद का सत्र | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही. बहुजन समाज पार्टी के सदस्यों ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार को हटाने की मांग को लेकर जम कर हंगामा किया. बीएसपी के सदस्य अपने नेता मोहम्मद ताहिर की गिरफ़्तारी से काफ़ी नाराज़ थे. पहले दिन ही सदस्यों के आचरण से नाराज़ लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने हंगामा कर रहे सदस्यों को निलंबित करने की चेतावनी दी. लेकिन इससे बीएसपी सदस्यों पर कोई असर नहीं पड़ा. जैसे ही सोमनाथ चटर्जी ने इन सदस्यों के निलंबन की प्रक्रिया शुरू की. कांग्रेस के प्रियरंजन दासमुंशी और सुरेश पचौरी ने बीएसपी सदस्यों को मनाने की कोशिश की. इस दौरान अध्यक्ष और बीएसपी सदस्यों के बीच तर्क-वितर्क चलता रहा. नाराज़ सोमनाथ चटर्जी ने कहा, "अगर आप अपनी सीट पर नहीं गए तो मैं आप लोगों को निलंबित कर दूँगा. आप सभी सदन के वरिष्ठ सदस्य हैं आपको ठीक से व्यवहार करना चाहिए." इस बीच समाजवादी पार्टी के सांसदों से भी बीएसपी सांसदों की तीखी झड़पें हुईं. बाद में बीएसपी के सदस्य अपनी सीटों पर लौट गए जिसके बाद ही प्रश्न काल शुरू हो पाया. विरोध प्रदर्शन एक ओर बुधवार को भारतीय संसद का 17 दिवसीय शीतकालीन सत्र शुरु हुआ वहीं दूसरी ओर प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने मूल्य वृद्धि के मुद्दे पर केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया है. दिल्ली में आयोजित विरोध प्रदर्शन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी संसद के बाहर गिरफ़्तारी दी. बाद में दोनों को रिहा कर दिया गया. वाजपेयी ने आरोप लगाया कि सरकार की कोई आर्थिक नीति नहीं है. भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने बीबीसी को बताया कि बढ़ती क़ीमतें, शंकराचार्य की गिरफ़्तारी और केंद्रीय मंत्रिमंडल के दो सदस्य लालू प्रसाद यादव और राम विलास पासवान का बिहार में सार्वजनिक तौर पर चल रहा झगड़ा ऐसे मुद्दे है जो भाजपा संसद में उठाने जा रही है. इस सत्र में 49 विधेयक पेश किए जाएँगे. नोटिस भाजपा संसदीय दल के प्रवक्ता विजय कुमार मल्होत्रा ने कहा है कि पार्टी ने महँगाई, आंतरिक सुरक्षा और शंकराचार्य के मुद्दों पर लोकसभा अध्यक्ष को 65 नोटिस दिए हैं.
भाजपा का कहना है कि वह विवादास्पद मुद्दों पर भी संसद की कार्यवाही रोकना नहीं चाहती. लेकिन इसके साथ ही मल्होत्रा का कहना था कि यदि इन विषयों पर चर्चा रोकी जाती है या फिर भाजपा नेताओं के ख़िलाफ़ बेवजह दोषारोपण होता है तो पार्टी के सांसद चुप नहीं बैठेंगे. उधर काँग्रेस पार्टी के चीफ़ व्हिप पवन बंसल ने कहा कि शंकराचार्य का मुद्दा राज्य सरकार से संबंधित है और उसे संसद में नहीं उठाया जाना चाहिए. लेकिन उनका कहना था कि यदि ये मुद्दा संसद में उठाया ही जाता है तो सत्ताधारी पक्ष उस पर ज़रूर बहस करवाएगा. लालू और पासवान के झगड़े पर उनका कहना था कि उनके कई विषयों पर अपने-अपने विचार हो सकते हैं और ऐसी परिस्थितियाँ भाजपा के सत्ता में होने के दौरान भी उभरी थीं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||