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सावरकर के मुद्दे पर फिर हंगामा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वीर सावरकर के मुद्दे पर राज्यसभा में दूसरे दिन भी भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के सदस्यों ने हंगामा किया और सदन की बैठक एक बार स्थगित करनी पड़ी. बुधवार को यह मसला शिवसेना सदस्य संजय निरुपम ने उठाया और सरकार से इस मामले में सफाई देने की माँग की कि पोर्ट ब्लेयर में स्वतंत्र ज्योति स्मारक से क्यों वीर सावरकर का का नाम हटाया गया. उन्होंने सावरकर पर की गई टिप्पणी के लिए पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर से माफ़ी माँगने की भी माँग की. प्रश्नकाल के बाद हंगामे के बीच संसदीय कार्यमंत्री ग़ुलामनबी आज़ाद ने कहा कि उन्हें पेट्रोलियम मंत्री अय्यर ने अपना एक बयान भेजा है जिसमें कहा गया है कि स्वतंत्र ज्योति स्मारक में 9 अगस्त को भारत छोड़ो दिवस के अवसर पर महात्मा गाँधी के नाम की पट्टिका लगाई गई थी. संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि इस बयान में किसी के नाम की पट्टिका हटाए जाने का कोई ज़िक्र नहीं किया गया है. उन्होंने सदन को बताया कि मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि उन्होंने न तो कार्यक्रम के दौरान न ही इसके बाद प्रेस से बात करते हुए वीर सावरकर का कोई ज़िक्र किया था. विपक्षी सदस्य संसदीय कार्यमंत्री के इस बयान से संतुष्ट नहीं हुए और वे माँग करते रहे कि ख़ुद पेट्रोलियम मंत्री आकर इस बारे में बयान दें. समाचार एजेंसियों के अनुसार 40 मिनट की गरमा-गरमी के बाद सभापति ने राज्यसभा की बैठक दोपहर तक स्थगित कर दी. |
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