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राष्ट्रपति कुमारतुंग की एलटीटीई से अपील | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका की राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंग ने तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई से बातचीत शुरू करने की अपील की है. राष्ट्रपति कुमारतुंग ने बीबीसी से कहा कि वे एलटीटीई के अंतरिम स्वशासन के प्रस्ताव के साथ-साथ दीर्घकालिक समाधान पर भी बातचीत करने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि गेंद अब एलटीटीई के पाले में है. कुमारतुंग ने कहा कि बातचीत के लिए जितना वे कर सकती थीं उन्होंने उतना कर दिया है. एलटीटीई और सरकार के बीच शांति वार्ता पिछले साल रुक गई थी, जब एलटीटीई ने बातचीत से अपने को अलग कर लिया था. राष्ट्रपति कुमारतुंग ने कहा कि वे युद्ध नहीं चाहती हैं और यह भी समझती हैं कि एलटीटीई भी ऐसा नहीं चाहता. बदलाव कुमारतुंग ने कहा कि उन्होंने अपने रुख़ में बहुत बदलाव किया है लेकिन एलटीटीई समझौता करने को तैयार नहीं.
बीबीसी के साथ बातचीत में कुमारतुंग ने कहा कि वे अपने गठबंधन दलों की ओर से ऐसी बातें कह रहीं हैं. हालाँकि गठबंधन में शामिल जेवीपी ने पहले विद्रोहियों को सत्ता में भागीदार बनाने के प्रस्ताव का विरोध किया था. कुमारतुंग ने इस बात से इनकार किया कि जेवीपी बातचीत में अभी भी रोड़ा बनी हुई है. दूसरी ओर एलटीटीई की वेबसाइट पर एक बयान में कुमारतुंग पर आरोप लगाया गया है कि वे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ धोखा कर रहीं हैं. पिछले साल सरकार और एलटीटीई के बीच बातचीत रुक जाने के बाद नॉर्व के मध्यस्थों ने कई बार इसे शुरू करने की कोशिश की लेकिन वे नाकाम रहे हैं. |
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