|
श्रीलंका: वार्ता शुरु करने का नया प्रयास | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नॉर्वे श्रीलंका में पिछले साल अप्रैल से रुकी हुई शांति प्रक्रिया को दोबारा शुरु करवाने की एक ताज़ा कोशिश कर रहा है. नॉर्वे के शांति दूत एरिक सोलहेम सोमवार से श्रीलंका की पाँच दिवसीय यात्रा शुरु कर रहे हैं. इस यात्रा का मकसद वहाँ श्रीलंका की सरकार और तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई के बीच बातचीत फिर शुरु करवाना और शांति प्रक्रिया को असफल होने से बचाना है. एरिक सोलहेम श्रीलंका की राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा और एलटीटीई के राजनीतिक विभाग के प्रतिनिधि एसपी तमिलसेल्वम से अलग-अलग बातचीत करेंगे. दोनो पक्षों के बीच पिछले साल अप्रैल के बाद सीधी बातचीत नहीं हुई है. इससे पहले दोनो पक्षों के बीच कड़वाहट उस समय बढ़ गई थी जब एलटीटीई ने श्रीलंका की सेना पर आरोप लगाया था कि उसने एलटीटीई के बाग़ी नेता कर्नल करुणा को भागने में मदद दी. एरिक सोलहेम ने बीबीसी को बताया कि वे उन हत्याओं पर चिंतित हैं जो एलटीटी के विद्रोही कर रहे हैं. उन्होंने ये भी कहा है कि वे एलटीटीई पर हमले करने वाले तमिल अर्धसैनिक बलों और उनको मिल रहे श्रीलंका सरकार के सहयोग से भी चिंतित हैं क्योंकि ये संघर्षविराम का उल्लंघन है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||