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बुधवार, 17 नवंबर, 2004 को 06:24 GMT तक के समाचार
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मनमोहन पहुँचे, दो चरमपंथी मारे गए
मनमोहन सिंह
मनमोहन सिंह ने कहा है कि वे कश्मीर के लोगों का दिल और दिमाग़ जीतना चाहते हैं
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह दो दिन के जम्मू कश्मीर दौरे पर श्रीनगर पहुँच गए हैं.

प्रधानमंत्री की यात्रा के लिए कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं. लेकिन उनके दौरे से कुछ घंटे पहले ही चरमपंथियों और सुरक्षाबलों के बीच एक मुठभेड़ हुई है जिसमें दो चरमपंथियों को मार गिराया गया है.

इस बीच केंद्र सरकार की घोषणा के अनुसार जम्मू कश्मीर के अनंतनाग से सैनिकों की वापसी शुरु हो गई है.

अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कितने सैनिकों की वापसी होने वाली है.

प्रधानमंत्री के रूप में मनमोहन सिंह का ये पहला कश्मीर दौरा है.

मुठभेड़

बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन के अनुसार चरमपंथियों के साथ मुठभेड़ प्रधानमंत्री के पहुँचने के दो घंटे पहले शुरु हुई.

दो चरमपंथियों ने अमर सिंह क्लब ग्राउंड से थोड़ी ही दूर एक पहाड़ी पर मोर्चा बनाया हुआ था जहाँ प्रधानमंत्री एक रैली को संबोधित करने वाले हैं.

अधिकारियों का कहना है कि बुधवार तड़के पुलिस के एक गश्ती दल ने चरमपंथियों को देखा. उनका कहना है कि ये चरमपंथी अल-मंसूरियन दल के थे.

तीन घंटे चली मुठभेड़ के बाद दोनों चरमपंथियों मारे गए हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हालांकि सत्तारुढ़ गठबंधन सरकार प्रधानमंत्री की यात्रा को सफल बनाने में जुटी हुई है लेकिन अलगाववादी संगठनों ने बुधवार को जो बंद का आव्हान किया है उसकी वजह से जनजीवन पर असर पड़ा है.

उनका कहना है कि दूकानें बंद हैं.

सैनिकों की वापसी

दौरे के ठीक पहले प्रधानमंत्री ने जम्मू कश्मीर में सैनिकों की कटौती की महत्वपूर्ण घोषणा की थी और इसकी प्रक्रिया भी बुधवार से ही शुरू हो गई है.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार सैनिकों की संख्या में कटौती की शुरुआत श्रीनगर से 55 किलोमीटर दूर अनंतनाग से शुरु हुई है.

श्रीनगर पहुँचकर वे राज्य के मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद और ग़ुलाम नबी आज़ाद के साथ हज़रत बल गए और दुआएँ मांगीं.

उन्होंने पिछले दिनों आँध्र प्रदेश के दौरे के दौरान अपनी कश्मीर यात्रा के बारे में कहा था कि वे वहाँ के लोगों के 'दिल और दिमाग़' तक पहुँचने के इरादे से जा रहे हैं.

आमतौर पर भारतीय प्रधानमंत्री राज्य के दौरे के समय किसी ख़ास योजना की घोषणा किया करते रहे हैं मगर इस बार उनकी यात्रा से ऐसी कोई उम्मीद नहीं लगाई जा रही.

मक़सद

ऐसी संभावना है कि उनके दौरे में मुख्यतः राज्य की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए दीर्घकालीन उपायों पर चर्चा होगी.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ दौरे में स्थानीय नेता और संसदीय कार्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद और कश्मीर पर केंद्र के वार्ताकार एन एन वोहरा भी शामिल हैं.

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष अप्रैल में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कश्मीर दौरे के समय पाकिस्तान से संबंध बेहतर करने की पेशकश की थी जिसे दोस्ती का हाथ बताया गया था.

उनकी इस पहल के बाद ही भारत और पाकिस्तान के बीच शांति प्रक्रिया को बहाल करने की कोशिशें शुरू हो पाई थीं.

वाजपेयी ने 18 अप्रैल 2003 को श्रीनगर में एक आमसभा को भी संबोधित किया था और 16 वर्षों के अंतराल के बाद वहाँ आमसभा करनेवाले वे पहले प्रधानमंत्री थे.

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