|
देशमुख को मिली महाराष्ट्र की गद्दी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कांग्रेस के विलासराव देशमुख महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री होंगे. जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के आरआर पाटिल राज्य के उप मुख्यमंत्री होंगे. महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में लंबे समय तक चली कांग्रेस विधायक दल की बैठक में आख़िरकार नए नेता का चुनाव हो गया और इस बार गद्दी मिली विलासराव देशमुख को. कांग्रेस विधायक दल की बैठक में निवर्तमान मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने विलासराव देशमुख का नाम प्रस्तावित किया. इससे पहले भी विलासराव देशमुख महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. पाँच साल पहले जब कांग्रेस और एनसीपी की गठबंधन सरकार बनी थी, तो उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया था. लेकिन दो साल पहले उनकी जगह सुशील कुमार शिंदे को राज्य की कमान सौंप दी गई थी. फ़ॉर्मूला बुधवार को कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बीच इस बात पर सहमति हो गई थी कि मुख्यमंत्री कांग्रेस का ही होगा.
इसी फ़ॉर्मूले के तहत शुक्रवार को मुंबई में एनसीपी विधायक दल की भी बैठक हुई और आरआर पाटिल को विधायक दल का नेता चुना गया. आरआर पाटिल शिंदे सरकार में उस समय गृह मंत्री बने थे, जब तेलगी कांड में अपना नाम आने के बाद एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने उप मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. एनसीपी विधायक दल की बैठक में गुप्त मतदान के ज़रिए आरआर पाटिल को नेता चुना गया. वैसे विधायक दल के नेता पद की दौड़ में विजयसिंह मोहिते पाटिल को सबसे आगे माना जा रहा था. आरआर पाटिल को एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार का क़रीबी माना जाता है और उनकी छवि भी एक साफ़-सुथरे नेता की रही है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||