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नगा अलगाववादी भारत आने को राज़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय अलगाववादी संगठन नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ़ नगालैंड (एनएससीएन) ने अगले दौर की बातचीत के लिए भारत आने का प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है. सरकार के वार्ताकार के. पद्मनाभैया के साथ बैंकॉक में हुई बैठक के बाद एनएसीएन के आइज़ैक मुइवा गुट के नेताओं ने भारत आने पर रज़ामंदी जताई. इसे नगा शांति प्रक्रिया के सिलसिले में एक सकारात्मक प्रगति के रूप में देखा जा रहा है. नगा प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने कहा, "इस बैठक का परिणाम बहुत ही अच्छा रहा है. बातचीत बहुत अच्छी तरह हुई और हमने प्रधानमंत्री का भारत आने का न्यौता स्वीकार कर लिया है." अभी अगले दौर की बातचीत की तारीख़ तय नहीं हुई है लेकिन संभावना व्यक्त की गई है कि यह नवंबर के मध्य में या दिसंबर में होगी. बैंकॉक में शनिवार को भी औपचारिक तौर पर बातचीत होगी जिसके बाद दोनों पक्षों की ओर से एक साझा बयान जारी किए जाने की संभावना है. नगा वार्ताकार ने कहा, "प्रधानमंत्री के निमंत्रण के बिना हम भारत नहीं जाते लेकिन अब निमंत्रण आ गया है इसलिए कोई अड़चन नहीं है." इसी वर्ष जुलाई महीने में बैंकॉक में हुई बातचीत के बाद नगा विद्रोही और भारत सरकार युद्धविराम को एक वर्ष के लिए बढ़ाने पर सहमत हुए थे. |
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