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दीर्घावधि योजना बनाएंगे:पाटिल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने कहा है कि पूर्वोत्तर के राज्यों में उग्रवाद की समस्या से निपटने के लिए केंद्र शीघ्र ही एक दीर्घावधि योजना तैयार करेगा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इन राज्यों की हर तरह से सहायता देगा. पाटिल ने असम और नगालैंड का दौरा कर वहाँ अचानक शुरू हुई उग्रवादी हिंसा की स्थिति की समीक्षा की. सुरक्षा उपायों पर विचार के लिए वे दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों तरुण गोगोई और निफ़्यू रियो से मिले. गोगोई से बात करने के बाद पाटिल नगालैंड के व्यावसायिक केंद्र दीमापरु पहुँचे जहाँ शनिवार को हुए धमाकों में 36 लोग मारे गए थे.
उन्होंने संकेत दिया कि सरकार कड़े क़दम उठाएगी. पाटिल ने कहा कि पूर्वोत्तर के राज्यों में उग्रवाद से निपटने के लिए दीर्घावधि की एक रणनीति शीघ्र ही बनाई जाएगी जिसमें राज्यों के सुरक्षा बलों, सेना और अर्द्धसैनिक बलों के बीच समन्वय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. उन्होंने कहा, "लोगों की जान बचाने के लिए केंद्र अतिरिक्त सुरक्षा बल समेत हर तरह की सहायता उपलब्ध कराएगा." पाटिल ने एक बार फिर पूर्वोत्तर के उग्रवादी संगठनों से बिना शर्त बातचीत की प्रक्रिया से जुड़ने की अपील की. इस बार यूनाइटेड लिबरेशन फ़्रंट ऑफ़ असम ने राज्य सरकार से बातचीत की संभावनाओं से इनकार किया है. उल्फ़ा संगठन ने कहा है कि बातचीत का प्रस्ताव केंद्र सरकार की तरफ़ से आना चाहिए. |
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