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राजनीतिक संबंधों की जाँच होगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कुख्यात चंदन तस्कर के मारे जाने के बाद उठे विवाद को देखते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री धर्म सिंह ने वीरप्पन के राजनीतिक संबंधों की जाँच के आदेश दिए हैं. आरोप लगाए जा रहे हैं कि वीरप्पन को जीवित पकड़ने के बदले जानबूझकर मार डाला गया ताकि राजनीतिक हस्तियों से उनके संबंधों की बात खुल न जाए. मानवाधिकार संगठन पीपुल्स वाच के प्रमुख हेनरी तिफ़ागने ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "वीरप्पन को घेरने वाले सौ पुलिसकर्मियों ने उसे आत्मसमर्पण को मजबूर क्यों नहीं किया, या फिर उसे सिर्फ घायल क्यों नहीं किया गया?" बंगलौर से बीबीसी के संवाददाता सुनील रामन ने बताया है कि इसके जवाब में स्पेशल टास्क फोर्स के अधिकारी कह रहे हैं कि "वीरप्पन को पहले आत्मसमर्पण करने का मौक़ा दिया गया था लेकिन उसने गोलियाँ चलानी शुरू कर दीं." कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि वे "संबद्ध व्यक्तियों से बातचीत के बाद ही बता पाएँगे कि किस तरह की जाँच होगी और उसे कौन करेगा." धर्म सिंह ने कहा कि "वीरप्पन के मारे जाने के बावजूद इस बात की जाँच ज़रूरी है कि वे कौन से लोग थे जिनकी मदद से वह इतने लंबे समय तक क़ानून-व्यवस्था को चुनौती देता रहा." चंदन तस्कर के ऊपर जो पाँच करोड़ रूपए का इनाम रखा गया था उसके बारे में कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्दी ही उसका फ़ैसला भी हो जाएगा. |
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