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'वीरप्पन को सरकार ने फ़िरौती दी थी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कर्नाटक के एक पूर्व पुलिस अधिकारी ने एक स्थानीय अदालत में कहा है कि फ़िल्म अभिनेता राजकुमार को छुड़वाने के लिए कुख्यात तस्कर वीरप्पन को 20 करोड़ रुपए की फ़िरौती दी गई थी. दक्षिण भारतीय फ़िल्मों के लोकप्रिय अभिनेता राजकुमार का वर्ष 2000 में वीरप्पन ने अपहरण कर लिया था और साढ़े तीन महीने बाद उन्हें सुरक्षित छोड़ दिया था. चंदन तस्कर वीरप्पन पर सौ से अधिक लोगों और एक हज़ार से अधिक हाथियों को मारने का आरोप है और वह अभी भी तमिलनाडु और कर्नाटक के जंगलों में छिपा हुआ है. पूर्व पुलिस उपायुक्त (एसीपी) संग्राम सिंह को पुलिस ने गिरफ़्तार तो इसलिए किया था कि उन पर आरोप था कि उन्होंने जाली स्टांप पेपर घोटाले में संलग्न अब्दुल करीम तेलगी से रिश्वत ली थी. लेकिन शुक्रवार को जब बैंगलोर की एक अदालत में पूर्व एसीपी सिंह को पेश किया गया तो उन्होंने वीरप्पन के मामले में यह सनसनीखेज़ बयान दिया. उन्होंने अदालत में कहा "कर्नाटक के तत्कालीन मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा और उनके मंत्रिमंडल के एक सदस्य ने उन्हें वीरप्पन के लिए फ़िरौती की रकम दी थी ताकि फ़िल्म अभिनेता राजकुमार को छुड़ाया जा सके." उन्होंने कहा कि उन्हें 20 करोड़ रुपए लेकर फ़िल्म अभिनेता रजनीकांत के मैनेजर के पास जाने के लिए भी बाध्य किया गया ताकि वह रकम वीरप्पन तक पहुँचाई जा सके. साढ़े तीन महीने बाद वीरप्पन ने राजकुमार को सुरक्षित छोड़ दिया गया था लेकिन उनकी रिहाई की परिस्थियों पर आज भी पर्दा पड़ा हुआ है. पूर्व एसीपी संग्राम सिंह ने अदालत से यह भी कहा है कि तेलगी पेपर स्टांप घोटाले में कांग्रेस शासनकाल में मंत्री रहे रोशन बेग को बचाने के लिए उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है. उल्लेखनीय है कि करोड़ों के स्टांप पेपर घोटाले में रोशन बेग के भाई को भी गिरफ़्तार किया गया है और वह अभी भी जेल में है. |
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