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चीनी बंधकों को छुड़ाने के प्रयास | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में क़बायली इलाक़े के अधिकारियों का कहना है कि वे बंधक बनाए गए दो चीनी इंजीनियरों को छुड़ाने का प्रयास कर रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि डेरा इस्माइल ख़ान इलाक़े से अपहृत चीनों इंजीनियरों को बंधक बनाने वाले लोग संभवतः विदेशी चरमपंथी हैं जो अल क़ायदा से जुड़े हुए हैं. अपहर्ताओं ने इन दोनों चीनी नागरिकों को छोड़ने के बदले में अल क़ायदा के कई नेताओं को पाकिस्तानी जेलों से रिहा करने की माँग की है. दक्षिणी वज़ीरिस्तान से लगे पाकिस्तानी शहर टाँक के एक अधिकारी ने बताया कि बंधकों को संभवतः किसी कबायली सरदार के घर छिपाकर रखा है. अपहर्ताओं ने धमकी दी है कि अगर उनकी माँगें नहीं मानी गईं तो वे बंधकों की हत्या कर देंगे. पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा मंत्री आफ़ताब शेरपाओ ने कहा है कि अपहर्ताओं की माँग अभी तक बहुत स्पष्ट नहीं है कि वे क्या चाहते हैं. शेरपाओ ने कहा है कि स्थानीय कबायली नेताओं के माध्यम से अपहर्ताओं से बातचीत जारी है. ये दोनों चीनी इंजीनियर शनिवार को उस समय बंधक बना लिए गए जब वे एक बाँध निर्माण स्थल की ओर जा रहे थे. इन दोनों इंजीनियरों के साथ एक पाकिस्तानी सुरक्षा गार्ड को भी बंधक बना लिया गया है. पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया है कि दोनों व्यक्ति सुरक्षित हैं. शेरपाओ ने कहा कि एक बार कबायली नेता बंधकों को माँगों को सामने रखेंगे उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकता है. ये दोनों इंजीनियर गोमल ज़म नाम के पाकिस्तानी बाँध के निर्माण के काम में लगे हुए थे जिसका ठेका चीन की सरकारी कंपनी को दिया गया है, गोमल ज़म के काम के लिए लगभग 80 चीनी कर्मचारी वहाँ तैनात हैं. |
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