| पाटिल प्रभावित इलाक़ों के दौरे पर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के गृहमंत्री शिवराज पाटिल पूर्वोत्तर में दो दिन की हिंसा के बाद स्थिति का जायज़ा लेने के लिए सोमवार को वहाँ का दौरा कर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में उग्रवाद से निपटने के लिए एक संयुक्त और दीर्घकालीन रणनीति की हिमायत की है. शिवराज पाटिल पहले से ही इन दोनों राज्यों का दौरा कर रहे हैं और सोमवार को उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों का भी दौरा करेंगे. पाटिल ने ज़ोर दिया है कि पूर्वोत्तर राज्यों में उग्रवाद का मुक़ाबले करने की रणनीति के तहत सेना, अर्धसैनिक बलों और आम लोगों के बीच तालमेल क़ायम करने की कोशिश की जाएगी. दोनों हिंसाग्रस्ता राज्यों के दौरे के बाद रविवार को उन्होंने कहा, "लोगों की जान बचाने के लिए केंद्र अतिरिक्त सुरक्षा बल समेत हर तरह की सहायता उपलब्ध कराएगा." पाटिल ने एक बार फिर पूर्वोत्तर के उग्रवादी संगठनों से बिना शर्त बातचीत की प्रक्रिया से जुड़ने की अपील की. पूर्वोत्तर क्षेत्र के दो राज्यों नगालैंड और असम में पिछले दो दिनों में उग्रवादी हिंसा में 70 लोग मारे गए हैं. रविवार को असम में कई विस्फोट हुए, जबकि पड़ोसी नगालैंड में शांति बनी रही.
पुलिस के अनुसार देर शाम एक धमाका गौरीपुर के मछली बाज़ार में और दूसरा बिजनी में हुआ. दोनों स्थान पश्चिमी असम में आते हैं. इन दोनों घटनाओं में तीन-तीन लोग मारे गए हैं. इनमें दो बच्चे शामिल हैं. इन धमाकों में 30 से ज़्यादा लोग घायल भी हुए हैं. पुलिस ने इनके लिए बोडो अलगाववादियों को ज़िम्मेवार ठहराया है. इससे पहले दिन में असम के पाँच अन्य जगहों पर भी विस्फोट हुए जिनमें ग्रामीण बाज़ारों, बिजली ग्रिड और गैस पाइपलाइन को निशाना बनाया गया. इन घटनाओं में दो संदिग्ध अलगाववादियों समेत पाँच लोग मारे गए. असम में ही एक संदिग्ध बोडो उग्रवादी की एक भीड़ द्वारा की गई पिटाई में मौत हो गई. शनिवार को नगालैंड और असम में हिंसा की विभिन्न घटनाओं में 56 लोग मारे गए थे. सबसे ज़्यादा 36 लोग नगालैंड के व्यावसायिक केंद्र दीमापुर में हुए दो धमाकों का शिकार बने थे. |
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