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हैदराबाद में पीडब्ल्यूजी की बड़ी रैली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में आंध्रप्रदेश की राजधानी हैदराबाद में वामपंथी संगठन पीपुल्स वार ग्रुप(पीडब्ल्यूजी) की रैली में एक लाख से ज़्यादा लोगों ने भाग लिया है. हैदराबाद में पीडब्ल्यूजी ने 15 साल बाद कोई रैली की है. गुरुवार की इस रैली के कारण शहर में चारों ओर लाल झंडे दिख रहे थे. रैली में पीडब्ल्यूजी के अलावा वामपंथी विद्रोही संगठन जनशक्ति की भी भागीदारी थी. रैली का आयोजन ऐसे समय किया गया जब दो सप्ताह बाद पीडब्लयूजी की राज्य सरकार से सीधी बातचीत होने वाली है. शांति और आत्मनिर्भरता वामपंथी विद्रोहियों के समर्थक कवि और लोकगायक ग़दर ने कहा कि रैली के विषय हैं शांति, आत्मनिर्भरता और खेतिहरों के लिए ज़मीन. मौक़े पर मौजूद बीबीसी संवाददाता उमर फ़ारूक़ के अनुसार रैली इस बात की गवाह है कि पिछले एक साल में माहौल काफ़ी बदला है. राज्य की पिछली सरकार ने तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर हुए एक हमले के बाद पीडब्ल्यूजी पर प्रतिबंध लगा दिया था. लेकिन मौजूदा कांग्रेस सरकार ने इस साल संगठन पर से प्रतिबंध हटा लिया. पीडब्ल्यूजी मुख्यत: आंध्रप्रदेश में सक्रिय संगठन है. हालाँकि छह अन्य राज्यों में इसके समर्थक पाए जाते हैं. |
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