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यात्रा से पहले अमरीकी घोषणा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने भारत के परमाणु संयंत्रों के लिए उपकरणों के निर्यात पर लगे प्रतिबंध उठाने और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आदान-प्रदान पर लगी रोक हटाने की घोषणा की है. महत्वपूर्ण है कि ये घोषणा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अमरीका यात्रा से कुछ ही दिन पहले की गई है. भारत के 1998 के परमाणु परीक्षणों के बाद अमरीका ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए तकनीकी मदद दिए जाने पर रोक लगा दी थी. समाचार एजेंसियों के अनुसार दोनो पक्षों ने कई महीने तक विचार विमर्श किया कि जनवरी में भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए तकनीकी मदद पर से उठाई गई रोक के बाद आगे कैसे बढ़ा जाए. इस पर विस्तृत चर्च भारतीय विदेश सचिव श्याम सरन और अमरीकी विदेश विभाग के अधिकारियों के बीच वॉशिंगटन में चली बातचीत के दौरान हुई. इसके बाद ही दोनो पक्षों का संयुक्त बयान जारी किया गया. इसके अनुसार अन्य क्षेत्रों के अलावा रक्षा के लिए मिसाइल तकनीक पर भी दोनो पक्ष बातचीत करेंगे. बताया गया है कि ये दोनो देशों के बीच रणनीतिक सहयोग की दिशा में केवल पहला ही कदम है. दोनो पक्षों का मानना है कि इस कदम से दोनो ही देशों को आर्थिक फ़ायदा होगा और क्षेत्रीय और दुनिया की सुरक्षा बढ़ेगी. |
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