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उमा गिरफ़्तारी के लिए हुबली रवाना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बाद भारतीय जनता पार्टी की नेता उमा भारती अपनी गिरफ़्तारी के लिए हुबली रवाना हो गई हैं. तैयारियों से लगता है कि भाजपा उनकी गिरफ़्तारी के बाद एक राजनीतिक आंदोलन खड़ा करना चाहती है. केंद्र में सत्ताधारी दल कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा इसे उमा भारती की शहादत की तरह पेश कर रही और इसे राष्ट्रवाद से जोड़ रही है. कर्नाटक की एक अदालत ने उनके ख़िलाफ़ एक 10 साल पुराने मामले में ग़ैर ज़मानती वारंट जारी किया है और इसी के चलते उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ा है. वैसे तो यह मामला हुबली में एक विवादित ईदगाह में कर्फ्यू के बावजूद जाकर तिरंगा झंडा फहराने का है और उनके ख़िलाफ़ साम्प्रदायित तनाव बढ़ाने से लेकर हत्या के प्रयास तक के कई मामले दर्ज हुए थे लेकिन फिलहाल हत्या के प्रयास का मामला ही शेष बचा है. लेकिन भाजपा इसे तिरंगा फ़हराने का मामला बता रही है और इसे राष्ट्रवाद के मामले से जोड़ रही है. दिखता है कि भाजपा ने उमा भारती की गिरफ़्तारी से राजनीतिक फ़ायदा उठाने की रणनीति बनाई है और इसी के तहत वे हुबली के लिए 'गोवा एक्सप्रेस' से रवाना हुई हैं. वे महाराष्ट्र के रास्ते बेलगाम और धारवाड़ आदि स्टेशनों से होते हुए बुधवार को हुबली पहुँचेंगी. पार्टी के लोग कह रहे हैं कि उनका जगह-जगह अभिनंदन किया जाएगा. कर्नाटक से बीबीसी संवाददाता सुनील रामन का कहना है कि हुबली में तो सरकार ने धारा 144 लगा ही दी है और सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया है, गोवा एक्सप्रेस के स्टेशनों पर भी पुलिस तैनात की गई है. उनका कहना है कि बहुत संभव है कि उमा भारती को पुलिस हुबली तक पहुँचने ही न दे और कर्नाटक में प्रवेश करते ही मिराज स्टेशन पर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया जाए. राजनीति भाजपा के नेताओं का कहना है कि यह झंडा फहराने के अधिकार का मामला है. उमा भारती के उत्तराधिकारी और मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने बीबीसी से हुई बातचीत में कहा, "उमा भारती आत्मसमर्पण करने नहीं जा रही हैं बल्कि गिरफ़्तारी देने जा रही हैं." उन्होंने कहा कि वे ज़मानत नहीं लेंगी और न्यायिक हिरासत में रहना चाहेंगी. इस सवाल पर कि क्या भाजपा इसका राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है, बाबूलाल गौर ने कहा, "उमा जी की गिरफ़्तारी से पूरे देश में एक संदेश जाएगा. पूरी पार्टी उमा भारती के साथ है और उनकी गिरफ़्तारी के बाद आंदोलन होंगे, सत्याग्रह होंगे." उधर पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने साफ़ कर दिया है कि अब उनकी पार्टी केंद्र के उन मंत्रियों के इस्तीफ़े का दबाव बनाएगी जिनके ख़िलाफ़ वारंट हैं. भारतीय जनता पार्टी की इस रणनीति की कांग्रेस निंदा कर रही है. कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने बीबीसी से कहा, "भाजपा इस मामले को शहादत की तरह दिखाना चाहती है यह ग़लत है." उन्होंने कहा कि उमा भारती के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट था और अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर रखा था. संभावना है कि इस मामले का असर संसद में बना रहेगा. |
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