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नागपुर में महिलाओं को ज़मानत मिली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महाराष्ट्र के नागपुर शहर में स्थानीय अदालत ने उन पाँच महिलाओं को ज़मानत पर रिहा कर दिया है जिन पर अदालत के भीतर ही एक अभियुक्त की हत्या करने का आरोप है. इन महिलाओं की रिहाई के लिए नागपुर में अदालत के बाहर लगभग पाँच सौ महिलाओं और बच्चों ने अदालत के बाहर धरना दिया और नारे लगाए. इन पाँच महिलाओं पर आरोप है कि वे उस भीड़ में शामिल थीं जिसने पिछले सप्ताह अदालत के भीतर ही अक्कू यादव नाम के अभियुक्त की चाकू मारकर हत्या कर दी थी. मंगलवार को इन महिलाओं की ज़मानत की अर्ज़ी ख़ारिज कर दी गई और उन्हें एक दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. नागपुर शहर के कई वकील इन महिलाओं को ज़मानत दिलाने में लगे थे, यहाँ तक कि वकीलों ने भी अदालत के काम में बाधा डाली और कई घंटे तक प्रदर्शनकारियों ने इन महिलाओं की रिहाई की ज़ोरदार माँग की. वहाँ मौजूद महिलाओं का कहना था कि बलात्कार के अभियुक्त अक्कू यादव की हत्या कोई गुनाह नहीं है और उसके लिए किसी को सज़ा नहीं मिलनी चाहिए. नागपुर में अदालत के बाहर मौजूद एक महिला कार्यकर्ता वी चंद्रा ने कहा कि इससे अपराधियों और अक्षम न्याय व्यवस्था दोनों को सबक मिलेगा. |
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