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मनमोहन सिंह का पहला विदेश दौरा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन 'बिमस्टेक' की पहली शिखर बैठक में भाग लेने के लिए गुरुवार को बैंकॉक रवाना हुए. सात साल पहले स्थापित इस क्षेत्रीय संगठन में पहली बार प्रधानमंत्री स्तर की बैठक हो रही है. प्रधानमंत्री के रुप में मनमोहन सिंह की यह पहली विदेश यात्रा है. उनके साथ विदेश मंत्री नटवरसिंह और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कमलनाथ भी होंगे. इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री सिंह बर्मा, श्रीलंका, थाइलैंड, भूटान और नेपाल से आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर देंगे. आशा व्यक्त की जा रही है कि थाईलैंड से मुक्त व्यापार संधि पर भी बात हो सकती है. पूर्व की ओर देखने की अपनी नीति के तहत भारत 'बिमस्टेक' और इसकी शिखर बैठक को अहम मानता है. बैंकॉक रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "बिमस्टेक भारत के पूर्व से संबंध प्रगाढ़ करने की नीति का अहम हिस्सा है. हमारे पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के लिए 'बिमस्टेक' ज़रुरी भी है." शिखर बैठक में 'बिमस्टेक' के सदस्य देशों के बीच तकनीक, संचार, यातायात, ऊर्जा, पर्यटन और मछली उत्पादन के क्षेत्र में व्यापार और निवेश बढ़ाने पर चर्चा होनी है. पहली शिखर बैठक के बारे में मनमोहन सिंह ने कहा, "ये 'बिमस्टेक' की पहली शिखर बैठक है और इससे क्षेत्रीय सहयोग की प्रक्रिया को राजनीतिक दिशा मिलेगी." राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि 'बिमस्टेक' से सार्क और आसियान को जोड़ने में सहायता मिलेगी क्योंकि न केवल इन देशों की सीमाएँ आपस में मिलती हैं बल्कि आर्थिक सहयोग से सभी को फ़ायदा होगा. एनएससीएन ऐसी अटकलें थीं कि मनमोहन सिंह इस यात्रा के दौरान नागा पृथकतावादी संगठन एनएससीएन गुट के नेता से मुलाक़ात कर सकते हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कुछ तय भी हुआ है तो वे कुछ नहीं कह पाएँगे. विदेश यात्रा के दौरान भी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री का ध्यान इराक़ में बंधक भारतीयों पर केंद्रित होगा. इस बारे में प्रधानमंत्री सिंह ने कहा, "पूरी पूरी कोशिश हो रही है, कोशिशें जारी हैं और मुझे विश्वास है कि कोशिशें कामयाब होंगी." विदाई मनमोहन सिंह को विदा करने के लिए हवाई अड्डे पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी पहुँची थीं. मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों से कहा था कि वे उन्हें विदा करने के लिए हवाई अड्डे न पहुँचें. इसके बावजूद कुछ मंत्री और कांग्रेस पार्टी के कई सदस्य विमानतल पहुँचे. इस पर कांग्रेस महासचिव अंबिका सोनी का कहना था, "उन्होंने विशेष तौर पर आदेश दिए थे कि आडबंर खत्म होने चाहिए और मंत्रिमंडल के सदस्य विमानतल न आएँ लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी का कहना था कि चूँकि यह प्रधानमंत्री की पहली विदेश यात्रा है इसलिए कांग्रेस के कुछ सदस्यों को विदा करने के लिए पहुँचना चाहिए." |
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